कटिहार,अंगभारत। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी 13 अगस्त 2026 को ऐतिहासिक अगस्त क्रांति दिवस पूरे सम्मान के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर नगर निगम के ठीक सामने स्थित शहीद स्मारक स्थल पर एक गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले कटिहार जिले के वीर शहीदों को माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर देश की स्वतंत्रता में उनके अमूल्य योगदान को याद किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता दोहराई।
शहीदों का इतिहास
स्वतंत्रता संग्राम के पन्नों में कटिहार का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। वर्ष 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुए ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान कटिहार के नौजवानों और आंदोलनकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत की ईंट से ईंट बजा दी थी। 13 अगस्त का दिन कटिहार के लिए बलिदान की उस महान गाथा का गवाह है, जब यहाँ के स्थानीय सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए ब्रिटिश सिपाहियों की बंदूकों का सामना किया था। देश को फिरंगियों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए उन्होंने अपने लहू की आखिरी बूंद तक बहा दी।
कटिहार जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 13 अगस्त कटिहार जिले के प्रत्येक नागरिक के लिए परम गौरव और आत्मसम्मान का प्रतीक है। इसी ऐतिहासिक तिथि पर हमारे जिले के वीर सेनानियों ने देश के स्वाभिमान को ऊंचा रखने के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए थे। उन्हीं अमर शहीदों की पावन स्मृति में हर साल कांग्रेस परिवार यहाँ एकत्र होकर उन्हें नमन करता है।
“शहीदों का यह अनुपम बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव देशप्रेम की अलख जगाता रहेगा। देश के लिए उनके द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है। उनके संघर्षों को याद रखना हम सभी का सबसे बड़ा दायित्व है।”
— संजय कुमार सिंह, अध्यक्ष (कटिहार जिला कांग्रेस कमेटी)
राष्ट्र निर्माण में प्रेरणा
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में जी रहे हैं, उसकी नींव में इन महान शहीदों का संघर्ष और त्याग छुपा हुआ है। वर्तमान समय में जब देश के सामने नई चुनौतियां खड़ी हैं, तब इन शहीदों के विचार और आदर्श हमारे लिए सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं। सभा में उपस्थित नेताओं ने संकल्प लिया कि वे समाज में आपसी भाईचारे, समरसता और देश की संप्रभुता को बनाए रखने के लिए निरंतर काम करते रहेंगे।
सभा के मुख्य संकल्प
- विरासत का संरक्षण: स्थानीय शहीदों के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनकी गाथाओं को सहेज कर रखना।
- सामाजिक समरसता: शहीदों के सपनों का ऐसा समाज बनाना जहां हर नागरिक को समानता और न्याय मिल सके।
- राष्ट्रीय एकता: देश की सीमाओं और आंतरिक ताने-बाने को मजबूत करने के लिए सदैव तत्पर रहना।
नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा के दौरान बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सऊद आलम और राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर डॉ. बिपिन सिंह ने भी शहीदों की शहादत पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कटिहार की इस धरती को क्रांतिकारियों की तपोभूमि बताया। प्रदेश प्रवक्ता प्रेम राय ने कहा कि देश के स्वतंत्र इतिहास में कटिहार के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख नेताओं और उनके दायित्वों की सूची नीचे दी गई है:
| नेता का नाम | पद / संगठन में दायित्व |
|---|---|
| संजय कुमार सिंह | अध्यक्ष, कटिहार जिला कांग्रेस कमेटी |
| सऊद आलम | उपाध्यक्ष, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी |
| डॉ. बिपिन सिंह | राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर |
| प्रेम राय | प्रदेश प्रवक्ता |
| संजय सिंह | वरिष्ठ नेता, जिला कांग्रेस कमेटी |
| पंकज कुमार तमाखुवाला | जिला प्रवक्ता |
| अ राज आनंद सिंह | नगर अध्यक्ष ‘अ’ |
| ब रिंकू मिश्रा | नगर अध्यक्ष ‘ब’ |
| सौरभ कुमार | पूर्व जिला कार्यकारी अध्यक्ष |
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में इन पदाधिकारियों के साथ-साथ शाहनवाज खान, पुतुल सिंह, मीनाक्षी श्वेता, गिरींद्र कुमार सिन्हा, यशवंत कुमार सेठी, जटा शंकर झा, मशरूर आलम, राकेश यादव, पंकज यादव, हसन अधिवक्ता, धनंजय ठाकुर, मो. ताहिर, मुकेश कुमार और बाबू सिंह सहित काफी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने देश की सेवा में अपना सर्वस्व लगाने का सामूहिक संकल्प लिया।







