नई दिल्ली,अंग भारत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनके समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने देश के विकास और प्रगति में वाजपेयी के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वाजपेयी एक असाधारण राजनेता थे, जिनकी अद्भुत दूरदृष्टि ने भारत को एक नई दिशा दी। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश की भलाई और सेवा में लगा दिया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सुशासन और जनकल्याण के प्रति उनका समर्पण हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि वाजपेयी के विचार और उनके द्वारा किए गए प्रयास आज भी विभिन्न पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। उनके कुशल नेतृत्व ने भारत को हर मोर्चे पर सशक्त बनाने का काम किया। वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे नेता थे जो देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे। उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हुआ था और उन्होंने 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अपनी अंतिम सांस ली थी। उनके जाने के बाद भी उनकी नीतियां और देश के प्रति उनका लगाव आज भी जीवित है।
अटल जी का विराट व्यक्तित्व
भारतीय राजनीति के इतिहास में अटल बिहारी वाजपेयी का स्थान बेहद खास रहा है। वे न केवल एक कुशल राजनीतिज्ञ थे बल्कि एक उत्कृष्ट कवि, प्रखर वक्ता और संवेदनशील इंसान भी थे। विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने हमेशा देशहित को सर्वोपरि रखा। उनके इसी स्वभाव के कारण उन्हें सभी राजनीतिक दलों के लोग आदर की दृष्टि से देखते थे। भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक बयान में उन्हें भारतीय राजनीति का युगपुरुष और करोड़ों कार्यकर्ताओं का सच्चा पथ प्रदर्शक बताया है।
“आज सुबह ‘सदैव अटल’ जाकर अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत की प्रगति में उनकी भूमिका अद्वितीय है। वे एक असाधारण राजनेता थे। उनकी दूरदृष्टि अद्वितीय थी तथा उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।”
— प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
नेताओं के श्रद्धासुमन
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने देश के विकास में अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ के सिद्धांत का पालन किया। उनके लिए राजनीति का एकमात्र ध्येय देश का कल्याण और जनता की सेवा करना था। उनके कुशल नेतृत्व में भारत ने सैन्य शक्ति, आर्थिक प्रगति और बुनियादी ढांचे के विकास में नए कीर्तिमान स्थापित किए। उन्होंने देश को मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने के लिए कड़े फैसले लिए। राजनाथ सिंह के अनुसार, वाजपेयी के उच्च आदर्श और देश सेवा का संकल्प हमेशा आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।
केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री को नमन किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी एक महान देशभक्त थे, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक पल देश की उन्नति के लिए समर्पित कर दिया। अमित शाह ने उनके कार्यकाल के दो सबसे बड़े ऐतिहासिक निर्णयों का जिक्र किया। पहला, पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण करके पूरी दुनिया को भारत की वैज्ञानिक और सामरिक ताकत का अहसास कराना। दूसरा, कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर देश की संप्रभुता की रक्षा करना। इन दोनों ही घटनाओं ने वैश्विक मंच पर भारत की साख को बहुत मजबूत किया था।
ऐतिहासिक नीतियां और कार्य
अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के विकास को गति देने के लिए कई बड़े आर्थिक और सामाजिक सुधार किए। उनकी मूल्य-आधारित राजनीति ने देश में पहली बार सुशासन और अंत्योदय यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की सोच को धरातल पर उतारा। उनके शासनकाल में बुनियादी ढांचे के विकास को एक नई गति मिली, जिसका लाभ देश आज भी उठा रहा है।
- पोखरण-2 परमाणु परीक्षण: साल 1998 में राजस्थान के पोखरण में पांच सफल परमाणु परीक्षण किए गए, जिससे भारत दुनिया के सामने एक परमाणु शक्ति संपन्न देश बनकर उभरा।
- कारगिल विजय: साल 1999 में सीमा पर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ भारतीय जवानों ने अदम्य साहस दिखाते हुए कारगिल युद्ध जीता।
- स्वर्णिम चतुर्भुज योजना: देश के चार बड़े महानगरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई) को आपस में जोड़ने के लिए बड़े राजमार्गों का जाल बिछाया गया।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: देश के ग्रामीण इलाकों को पक्की सड़कों के जरिए मुख्य शहरों से जोड़ने की इस योजना की शुरुआत वाजपेयी के कार्यकाल में ही हुई थी।
- सर्व शिक्षा अभियान: प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने और हर बच्चे को स्कूल पहुंचाने के उद्देश्य से इस अभियान की नींव रखी गई थी।
वाजपेयी का जीवन सफर
अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक जीवन लगभग पांच दशकों का रहा। वे कई बार सांसद चुने गए और देश के विदेश मंत्री के रूप में भी उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने पड़ोसी देशों के साथ शांति स्थापित करने का भी गंभीर प्रयास किया, जिसमें दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरुआत एक बड़ा कदम थी।
| वर्ष | ऐतिहासिक घटना/उपलब्धि |
|---|---|
| 1924 | ग्वालियर, मध्य प्रदेश में जन्म। |
| 1996 | पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने। |
| 1998 | दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला और पोखरण परमाणु परीक्षण किया। |
| 1999 | तीसरी बार पूर्ण कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री बने और कारगिल युद्ध जीता। |
| 2015 | देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से विभूषित किए गए। |
| 2018 | 93 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन। |
अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियां आर्थिक सुधारों के मामले में काफी प्रगतिशील थीं। उन्होंने विनिवेश मंत्रालय का गठन किया और दूरसंचार क्षेत्र में बड़े सुधारों को मंजूरी दी, जिससे आम लोगों तक मोबाइल सेवाएं आसानी से पहुंच सकीं। उनकी विदेश नीति भी बेहद संतुलित और मजबूत थी, जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती थी। आज भी देश की राजनीति में उनके योगदान को बड़े आदर के साथ याद किया जाता है। ‘सदैव अटल’ पर हुए इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत देश के कई बड़े नेताओं ने उन्हें नमन कर उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराया।







