403 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा, 500 से ज्यादा यूएसडीटी अकाउंट जांच के घेरे में
झांसी,अंग भारत। झांसी पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में चल रहे साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। प्रेमनगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े 500 से ज्यादा यूएसडीटी अकाउंट सामने आए हैं। इन खातों के जरिए करीब 403 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। पुलिस ने पांच से ज्यादा संदिग्ध यूएसडीटी अकाउंट को सीज भी कराया है। मामले में फरार तीन अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
लोन दिलाने के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के लोग आम लोगों को बैंक से लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे या पहले से मौजूद खातों पर अपना कब्जा कर लिया जाता था। खाताधारकों को कुछ पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते साइबर ठगी के इस पूरे खेल में इस्तेमाल किए जाते थे।इन खातों में ऑनलाइन गेमिंग और दूसरे साइबर अपराधों से हासिल रकम भेजी जाती थी। इसके बाद रकम को अलग-अलग खातों और यूएसडीटी अकाउंट के जरिए आगे ट्रांसफर कर दिया जाता था। इस तरह असली ठगी करने वालों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।
325 से ज्यादा शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस को पिछले कुछ समय से इस तरह की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। झांसी पुलिस के पास 325 से ज्यादा शिकायतें पहुंच चुकी थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी विकास कुमार ने प्रेमनगर थाना पुलिस को पूरे मामले की गहराई से जांच करने और गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों और उनमें हो रहे लेनदेन की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर कई बैंक खातों के साथ-साथ बड़ी संख्या में यूएसडीटी अकाउंट भी सामने आए। जब पुलिस ने इन खातों में हुए लेनदेन का हिसाब देखा तो रकम करीब 403 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
छह आरोपित पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने इस मामले में ईसाई टोला, प्रेमनगर निवासी दीपक वर्मा उर्फ सत्यम, झांसी होम्स के सामने महादेव टाइल्स निवासी अदनान हुसैन और आदिल हुसैन, कृष्णा नगर कॉलोनी प्रेमनगर निवासी जानपाल, सुमेर नगर निवासी अभिषेक चौधरी और लहर गिर्द निवासी अर्चित अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।पुलिस ने आरोपितों के पास से सात मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की है। बताया जा रहा है कि डायरी में पैसों के लेनदेन से जुड़ी कई अहम जानकारियां लिखी हुई थीं। पुलिस अब डायरी में दर्ज जानकारी और मोबाइल फोन में मिले डेटा के आधार पर नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की जानकारी जुटा रही है।
500 से ज्यादा यूएसडीटी अकाउंट की जांच
जांच में 500 से ज्यादा यूएसडीटी अकाउंट सामने आने के बाद पुलिस की चिंता और बढ़ गई है। पुलिस को शक है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए किया गया। पुलिस ने पांच से ज्यादा संदिग्ध यूएसडीटी अकाउंट सीज कराए हैं।अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल लेनदेन की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग काम कर रहे थे।
तीन फरार आरोपितों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अरमान, अर्श शेख और मोहम्मद फैज फरार हैं। तीनों गाड़िया फाटक, प्रेमनगर के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें इनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी के इस नेटवर्क के बारे में और भी कई अहम जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां
आईपीएस अरीबा नोमान ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस अब केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। बैंक खातों, मोबाइल फोन, यूएसडीटी अकाउंट और डिजिटल लेनदेन की जांच की जा रही है।पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कितने लोगों के बैंक खाते इस नेटवर्क में इस्तेमाल किए गए और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर कितने लोगों से ठगी की गई। जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।








