नई दिल्ली,अंग भारत। नेपाल में ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटने के बाद आई अचानक बाढ़ और सैलाब से भारी तबाही मची है। मुश्किल की इस घड़ी में भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। भारतीय वायु सेना ने आपदा के कुछ ही घंटों के भीतर अपने ट्रांसपोर्ट विमानों को राहत सामग्री के साथ नेपाल भेजना शुरू कर दिया। अब तक वायु सेना के विमानों से नेपाल को कुल 47.5 टन राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।भारतीय वायु सेना ने सबसे पहले सी-130जे हरक्यूलिस विमान के जरिए करीब 10 टन जरूरी राहत सामग्री नेपाल भेजी। इसमें दवाइयां, अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट और दूसरी जरूरी चीजें शामिल थीं। इसके बाद दूसरी खेप सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से भेजी गई। इस विमान में 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री थी। इसमें खाने के पैकेट और जरूरी दवाइयां शामिल थीं।वायु सेना ने नेपाल में राहत और बचाव कार्य को देखते हुए अपने ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को स्टैंडबाय पर रखा है। इसमें सी-17, सी-130जे और सी-295 विमान शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर इन विमानों को तुरंत नेपाल भेजा जा सकता है। एक और सी-130जे विमान से राहत सामग्री भेजने की तैयारी भी की जा रही है।राहत सामग्री लेकर नेपाल जाने वाली उड़ानों का संचालन वायु सेना के हिंडन स्टेशन से किया जा रहा है। इसके अलावा वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी नेपाल में राहत और बचाव के काम में लगातार जुटे हुए हैं। हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रभावित इलाकों तक मदद पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया जा रहा है।हिंडन स्टेशन के एओसी एयर कमोडोर आर. डोभाल ने बताया कि वायु सेना ऐसी आपात स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि नेपाल में आपदा की जानकारी मिलते ही सी-130जे हरक्यूलिस विमान को तैयार किया गया। उसमें राहत सामग्री, दवाइयां और जनरेटर लोड किए गए। इस पूरी तैयारी में सिविल अधिकारियों और एनडीआरएफ की भी मदद ली गई।उन्होंने बताया कि विमान ने रात करीब 8.30 बजे उड़ान भरी और करीब दो घंटे के भीतर नेपाल में लैंड कर गया। इस उड़ान के जरिए करीब 10 टन राहत सामग्री पहुंचाई गई। इसके बाद सी-17 विमान से 37.5 टन अतिरिक्त मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री नेपाल भेजी गई।एयर कमोडोर डोभाल ने कहा कि भारतीय वायु सेना पहले भी भारत के साथ-साथ नेपाल, म्यांमार और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में आपदा के समय राहत अभियान चला चुकी है। जरूरत पड़ने पर दुनिया के किसी भी हिस्से में मदद पहुंचाने के लिए वायु सेना तैयार रहती है।उन्होंने नेपाल में वर्ष 2015 में आए भूकंप को भी याद किया। उस समय भारतीय वायु सेना के सी-130 विमान राहत टीम और डॉक्टरों को लेकर सबसे पहले खराब रनवे पर उतरे थे। उस अभियान के दौरान वायु सेना ने 2,200 से ज्यादा उड़ानें भरी थीं।नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ के बाद भारतीय वायु सेना को कुछ ही घंटों में स्टैंडबाय पर कर दिया गया था। भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश की मदद के लिए तेजी से कदम उठाते हुए राहत सामग्री पहुंचाई है। वायु सेना का कहना है कि नेपाल को आगे भी किसी तरह की मदद की जरूरत पड़ती है तो भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।








