Founder – Mohan Milan

नौका हादसे में लापता भाई की राह तक रहीं दो बहनें, हाथ में राखी और आंखों में आंसू

भागलपुर,अंग भारत। रक्षाबंधन का त्योहार हर भाई-बहन के लिए खास होता है। बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वादा करता है। लेकिन भागलपुर की लुशी और शोभा के लिए इस बार रक्षाबंधन की खुशी गम में बदल गई। दोनों बहनें हाथ में राखी लिए अपने लापता भाई बादल मंडल के लौटने का इंतजार कर रही हैं। उनकी नजर बार-बार नदी की ओर जाती है और मन में यही उम्मीद है कि उनका भाई किसी तरह सकुशल वापस घर लौट आए।बताया जा रहा है कि दो दिन पहले भागलपुर के राघोपुर तटबंध के पास नौका हादसा हुआ था। हादसे के दौरान बादल मंडल नदी में डूब गए। घटना के बाद से ही परिवार के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों के साथ प्रशासन की टीम भी लगातार उनकी तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक बादल का कोई पता नहीं चल सका है। हर गुजरते घंटे के साथ परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है।रक्षाबंधन के दिन घर में आमतौर पर जिस तरह का माहौल रहता है, इस परिवार में वैसा कुछ नहीं है। घर में खुशी की जगह मातम पसरा हुआ है। परिजन लगातार नदी किनारे और घटनास्थल के आसपास नजर लगाए हुए हैं। दोनों बहनें लुशी और शोभा भी अपने भाई के वापस आने की उम्मीद लगाए बैठी हैं।बहनों ने भावुक होकर कहा कि आज रक्षाबंधन है। वे सुबह से ही भाई के लिए राखी लेकर बैठी हैं। अगर बादल मिल जाए और वह सुरक्षित घर लौट आए तो वे सबसे पहले उसकी कलाई पर राखी बांधेंगी। उनके लिए इस समय त्योहार से ज्यादा जरूरी भाई का घर लौटना है।लुशी और शोभा की आंखों में आंसू हैं, लेकिन भाई के मिलने की उम्मीद अभी भी बनी हुई है। परिवार के लोगों का कहना है कि जब तक बादल का पता नहीं चलता, तब तक वे उम्मीद नहीं छोड़ेंगे। नदी में तलाश का काम लगातार जारी है और हर बार जब कोई नाव या बचाव दल घटनास्थल की ओर जाता है तो परिवार की नजर उसी तरफ टिक जाती है।घटना की जानकारी मिलने के बाद भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने दोनों बहनों और परिवार के अन्य सदस्यों से बात कर उनका हाल जाना। इस दौरान बहनों की हालत देखकर जिलाधिकारी भी भावुक हो गईं। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रशासन बादल मंडल की तलाश में पूरी गंभीरता से लगा हुआ है।जिलाधिकारी ने कहा कि बचाव और तलाश अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। प्रशासन की टीम लगातार मौके पर मौजूद है और उपलब्ध संसाधनों के साथ नदी में खोजबीन की जा रही है। परिवार को हर जरूरी मदद देने का भी भरोसा दिलाया गया है।इधर, रक्षाबंधन का दिन जैसे-जैसे बीत रहा है, दोनों बहनों का इंतजार भी बढ़ता जा रहा है। हाथ में राखी अब भी बंधी है और आंखें भाई की राह देख रही हैं। परिवार की बस यही दुआ है कि बादल जल्द मिल जाए और अगले पल घर में पसरा सन्नाटा खुशी में बदल जाए।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon