नई दिल्ली,अंग भारत। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान में भारत लगातार मदद कर रहा है। इसी कड़ी में भारत का चौथा विमान रविवार को 11 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचा। विमान से पहुंची राहत सामग्री नेपाल सरकार को सौंप दी गई, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया जा सके।
सर्च और रेस्क्यू के लिए जरूरी उपकरण भी पहुंचे
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि भारत की चौथी राहत उड़ान काठमांडू पहुंच गई है। इस विमान में राहत सामग्री के साथ बचाव और राहत अभियान में काम आने वाले जरूरी उपकरण और तकनीकी विशेषज्ञ भी भेजे गए हैं।इस खेप में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जरूरी उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा टनल टेक्निकल टीम को भी भेजा गया है, जो बचाव अभियान में मदद करेगी। राहत दल के साथ डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी नेपाल पहुंची है।
कंबल, स्लीपिंग बैग और हाइजीन किट शामिल
भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोगों के घर और सामान तबाह हो गए हैं। ऐसे में राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए ये सामान काफी मददगार साबित हो सकते हैं।डीएनए जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजे जाने से बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। नेपाल में बड़ी संख्या में शव बरामद हुए हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ में अब तक 724 शव बरामद
नेपाल के रसुवा और आसपास के इलाकों में 26 अगस्त की सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में अब तक करीब 724 शव बरामद किए जा चुके हैं। सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में विदेशी नागरिकों के साथ सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।बाढ़ से तीन जिलों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई इलाकों में सड़कें, पुल और घर तबाह हो गए हैं, जिससे राहत और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है। ऐसे मुश्किल समय में भारत की ओर से भेजी जा रही राहत सामग्री और विशेषज्ञ दल नेपाल के राहत अभियान में महत्वपूर्ण मदद दे रहे हैं।








