अंग भारत, रजौन/बांका। रजौन प्रखंड की सकहारा पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित विष्णुपुर गांव में बिजली व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ खतरे का कारण भी बनी हुई है। गांव में कई जगह बिजली के तार जर्जर हैं, जबकि पूरे गांव को बिजली देने वाला ट्रांसफार्मर खेत की एक पतली मेड़ पर टिका हुआ है। ट्रांसफार्मर के दोनों खंभे एक तरफ झुक चुके हैं। ग्रामीणों को डर है कि तेज आंधी या बारिश में यह कभी भी गिर सकता है।
खेत की मेड़ पर टिका है ट्रांसफार्मर
ग्रामीणों के मुताबिक, डाकघर टोले सहित पूरे गांव में बिजली पहुंचाने वाला ट्रांसफार्मर काफी समय से इसी हालत में है। दोनों खंभे काफी पुराने और कमजोर हो चुके हैं। जगह भी ऐसी है कि ट्रांसफार्मर के आसपास खेत हैं और बरसात में वहां पानी जमा हो जाता है।अगर ट्रांसफार्मर गिरता है तो बिजली व्यवस्था ठप होने के साथ खेतों में काम करने वाले किसानों और वहां से गुजरने वाले लोगों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
बगीचे के बीच से गुजर रहे नंगे तार
खतरा सिर्फ ट्रांसफार्मर तक ही सीमित नहीं है। उससे निकलने वाले तीन फेज के नंगे और ढीले तार स्वर्गीय केदारनाथ राव के खतियानी खलिहान और आम के बगीचे के बीच से गुजर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये तार काफी नीचे और असुरक्षित तरीके से लगे हैं।करीब दो दशक पहले गांव में बिजली आपूर्ति शुरू होने के समय ये तार लगाए गए थे। परिजनों का आरोप है कि उस समय परिवार के कई सदस्य रोजी-रोटी के लिए गांव से बाहर रहते थे। इसी दौरान उनकी सहमति के बिना बगीचे के बीच से बिजली की लाइन निकाल दी गई।
हवा और बंदरों से भी बढ़ जाता है खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक, तेज हवा चलने या बंदरों के तारों पर उछलने-कूदने से तीनों फेज और अर्थिंग के तार कई बार आपस में सट जाते हैं। इससे बिजली का फेज उड़ जाता है और कभी-कभी अचानक तेज वोल्टेज आने से घरों के टीवी, पंखे, बल्ब और दूसरे बिजली के सामान खराब हो जाते हैं।बरसात में परेशानी और बढ़ जाती है। जलजमाव के बीच बिजली की खराबी ठीक करने में बिजली कर्मियों को भी खतरे का सामना करना पड़ता है।
जनसुनवाई में भी उठ चुका है मामला
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कनीय अभियंता राजाराम प्रसाद को कई बार दी गई, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। बीते 8 जुलाई को प्रखंड मुख्यालय में धोरैया विधायक मनीष कुमार और अमरपुर विद्युत प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता प्रकाश कुमार झा की मौजूदगी में जनसुनवाई शिविर लगाया गया था।इस शिविर में स्वर्गीय केदारनाथ राव के पौत्र, अधिवक्ता और वरिष्ठ पत्रकार कुमुद रंजन राव ने भी बिजली की समस्या को लेकर लिखित आवेदन दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की
स्वर्गीय केदारनाथ राव के परिजनों और गांव के अन्य लोगों ने ट्रांसफार्मर को खेत की मेड़ से हटाकर सुरक्षित जगह पर लगाने की मांग की है। साथ ही नंगे और ढीले तारों को हटाकर उनकी जगह कवर्ड केबल लगाने की मांग की गई है।ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी विभाग की होगी। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
धान कटने के बाद समाधान का दावा
इस मामले में सकहारा के जेई राजाराम प्रसाद ने बताया कि बरसात का मौसम खत्म होने और खेतों से धान की फसल कटने के बाद गांव की बिजली से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। अब ग्रामीणों की नजर विभाग की कार्रवाई पर है।







