अंग भारत, रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ सकता है। मौसम विभाग ने 1 सितंबर को राज्य के सात जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों और प्रशासन को मौसम को लेकर सावधान रहने की सलाह दी है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की आशंका
मौसम विभाग के मुताबिक, 1 सितंबर को उत्तर-पश्चिमी झारखंड के लातेहार, गढ़वा और पलामू, मध्य झारखंड के लोहरदगा और गुमला तथा दक्षिणी हिस्से के सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में बहुत भारी बारिश हो सकती है।इन इलाकों में तेज बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलजमाव और दूसरी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
लातेहार में 171 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटों में झारखंड में सबसे ज्यादा बारिश लातेहार जिले के महुआडांड में हुई। यहां 171 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान बोकारो राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।वहीं लातेहार में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रांची में भी रुक-रुककर हुई बारिश
राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में सोमवार सुबह से ही रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। बारिश के कारण मौसम सुहाना हो गया और तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। दिनभर बादल और हल्की बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली।1 जून से 31 अगस्त तक रांची में कुल 1023.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसी अवधि में जमशेदपुर में 900.3 मिलीमीटर, डाल्टनगंज में 888.6 मिलीमीटर, बोकारो में 618 मिलीमीटर और चाईबासा में 1057.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
कई शहरों में तापमान में उतार-चढ़ाव
सोमवार को रांची में अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री और न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री और न्यूनतम 26.6 डिग्री दर्ज किया गया।डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री और न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बोकारो में पारा 34.1 डिग्री तक पहुंचा, जबकि न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री रहा। चाईबासा में अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
1 सितंबर को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए 1 सितंबर को खासकर उन सात जिलों के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है, जहां बहुत भारी बारिश का अनुमान है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने और आवागमन प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने को कहा गया है।







