प्रयागराज,अंग भारत। प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान कमी आई है। इससे शहर और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा फिलहाल कम हो गया है। जिला प्रशासन के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक बुधवार सुबह आठ बजे तक सभी तटबंध सुरक्षित पाए गए हैं। प्रशासन की टीम नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रही है।
फाफामऊ में गंगा 82.86 मीटर पर
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.86 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर में दो सेंटीमीटर की कमी आई है। इस दौरान फाफामऊ में 41.8 मिलीमीटर बारिश भी दर्ज की गई।छतनाग में गंगा का जलस्तर 81.87 मीटर रहा। यहां नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। छतनाग में 28.6 मिलीमीटर बारिश हुई है।
यमुना के जलस्तर में 19 सेंटीमीटर गिरावट
नैनी में यमुना का जलस्तर 82.20 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में यहां यमुना का जलस्तर 19 सेंटीमीटर नीचे आया है। नैनी में 30.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।वहीं, बक्शी बांध स्थित एसटीपी पर जलस्तर 82.40 मीटर रहा। यहां भी पिछले 24 घंटे में नौ सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। नदियों के जलस्तर में आई इस गिरावट से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
खतरे के निशान से 1.87 मीटर नीचे गंगा
प्रयागराज में गंगा और यमुना के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है। बुधवार सुबह सबसे अधिक जलस्तर फाफामऊ में 82.86 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से करीब 1.87 मीटर नीचे है।जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे होने के कारण फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि, बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
तटबंधों पर लगातार नजर
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी निखिल प्रसाद ने बताया कि गंगा और यमुना दोनों के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं और अभी स्थिति सामान्य बनी हुई है।उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से नदियों के जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।बारिश जारी रहने की स्थिति में नदियों के जलस्तर में फिर बदलाव हो सकता है। इसलिए प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए निगरानी बनाए हुए है। फिलहाल जलस्तर में गिरावट को राहत की खबर माना जा रहा है और प्रयागराज में बाढ़ का खतरा टलता दिखाई दे रहा है।







