भागलपुर,अंग भारत। महंगाई ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। भागलपुर में इन दिनों प्याज और चीनी की कीमत लगभग एक जैसी हो गई है। शहर के कई बाजारों में दोनों करीब 70 रुपये किलो बिक रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में प्याज कहीं-कहीं 65 रुपये किलो भी मिल रहा है। दोनों जरूरी चीजों के दाम एक साथ बढ़ने से घर का हिसाब-किताब चलाना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।
चाय में चीनी डालें या सब्जी में प्याज
गृहिणियों के सामने अब खर्च संभालने की चुनौती बढ़ गई है। चीनी महंगी है तो प्याज भी पीछे नहीं है। ऐसे में घर का बजट बनाने वालों के सामने सवाल है कि रोजमर्रा की जरूरतों में किस पर खर्च कम किया जाए। चाय से लेकर सब्जी और सलाद तक, प्याज और चीनी की बढ़ी कीमत का असर साफ दिखाई दे रहा है।भागलपुर के गिरधारी साह हाट समेत शहर के कई बाजारों में दुकानदार प्याज और चीनी को ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि पहले जहां प्याज रोज की खरीदारी का सामान्य हिस्सा था, वहीं अब इसे खरीदने से पहले कीमत जरूर पूछनी पड़ रही है।
दुकानदार भी बढ़ी कीमत से परेशान
थोक कारोबारियों के मुताबिक प्याज की आवक कम होने का असर कीमत पर पड़ रहा है। मंडी में पर्याप्त मात्रा में माल नहीं आने से खुदरा बाजार में भी दाम बढ़ गए हैं। दूसरी ओर, दुकानदारों का कहना है कि महंगा माल खरीदने के बाद उन्हें भी उसी हिसाब से कीमत रखनी पड़ रही है।बढ़ी कीमत का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। होटल, रेस्टोरेंट, मेस और सड़क किनारे खाने-पीने का सामान बेचने वाले ठेले भी इससे प्रभावित हैं।
सलाद की प्लेट से प्याज गायब
प्याज महंगा होने का सबसे सीधा असर सलाद पर पड़ा है। कई ठेले वालों और मेस संचालकों ने सलाद की प्लेट से प्याज हटाना शुरू कर दिया है। अब ग्राहकों को सलाद में खीरा और मूली तो मिल रही है, लेकिन प्याज दिखाई नहीं दे रहा।ठेले वालों का कहना है कि अगर हर प्लेट में प्याज दिया जाए तो बढ़ी लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए उन्होंने प्याज की जगह दूसरी सब्जियों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
नॉनवेज खाने वालों की बढ़ी परेशानी
भादो शुरू होने के साथ कई लोग फिर से नॉनवेज खाना शुरू कर रहे हैं। ऐसे में प्याज की बढ़ी कीमत उनके खाने के खर्च पर भी असर डाल रही है। होटल और रेस्टोरेंट में नॉनवेज के साथ मिलने वाले सलाद में भी प्याज की मात्रा कम कर दी गई है।कुछ जगहों पर प्लेट में प्याज के सिर्फ दो-चार टुकड़े ही नजर आ रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि प्याज के बिना सलाद अधूरा लगता है, लेकिन बढ़ी कीमत ने दुकानदारों के सामने भी मजबूरी खड़ी कर दी है।
छात्रों के बजट पर भी असर
भागलपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी बढ़ी महंगाई परेशानी का कारण बन रही है। किराये के कमरे और मेस में रहने वाले छात्रों को हर महीने खाने का खर्च संभालना पड़ता है। प्याज और दूसरी जरूरी चीजों की कीमत बढ़ने से मेस का खर्च बढ़ने की आशंका है।छात्रों का कहना है कि पहले छोटी-छोटी चीजों की कीमत पर ज्यादा ध्यान नहीं जाता था, लेकिन अब हर सामान खरीदते समय बजट देखना पड़ता है।फिलहाल, प्याज और चीनी के बढ़े दाम ने भागलपुर के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लोगों को उम्मीद है कि बाजार में आवक बढ़ने के बाद प्याज की कीमत कुछ कम होगी और रसोई का बिगड़ा बजट फिर पटरी पर लौटेगा।







