रजौन/बांका। बांका जिले का रजौन प्रखंड अब बिहार के कृषि मानचित्र पर एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है। सहकारिता विभाग के अंतर्गत वेजीटेबल फेडरेशन, भागलपुर प्रमंडल की चेयरमैन नीतू सिंह ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि रजौन को जल्द ही बिहार का प्रमुख सब्जी हब बनाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देना है, बल्कि किसानों को उनकी मेहनत का सीधा और उचित लाभ दिलाना है। फेडरेशन की योजना के अनुसार, यहाँ आधुनिक भंडारण और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा विकसित की जाएगी, ताकि फसल की बर्बादी को रोका जा सके और स्थानीय किसानों की आय को दोगुना किया जा सके।
किसानों की जमीनी हकीकत
रविवार को धौनी स्थित आरएसजे चौधरी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरेंद्र कुमार चौधरी के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में वेजीटेबल फेडरेशन के रजौन प्रखंड अध्यक्ष श्याम कुमार और स्थानीय मुखिया ब्रह्मदेव सिंह सहित क्षेत्र के कई प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। बातचीत के दौरान यह बात खुलकर सामने आई कि बांका के किसान मेहनत तो भरपूर करते हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी के कारण उन्हें अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती है।
- उत्पादन क्षमता: रजौन में सब्जी की पैदावार का बड़ा आधार है, लेकिन उचित बाजार का अभाव है।
- विपणन समस्या: बिचौलियों के कारण किसानों को खुदरा बाजार का लाभ नहीं मिल पाता।
- भंडारण का संकट: कोल्ड स्टोरेज न होने के कारण जल्दी खराब होने वाली सब्जियां समय रहते बिक नहीं पातीं।
आधुनिक स्टोरेज की सुविधा
चेयरमैन नीतू सिंह ने बैठक में स्पष्ट किया कि अब किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार की प्राथमिकता के तहत, रजौन में एक आधुनिक सब्जी भंडार गृह और सर्वसुविधायुक्त कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की जाएगी। इसके लिए जमीन का चयन भी पूरा कर लिया गया है। यह कोल्ड स्टोरेज विशेष रूप से प्याज और अन्य मौसमी सब्जियों के लिए वरदान साबित होगा।
“किसानों की उपज का एक-एक दाना कीमती है। फेडरेशन का लक्ष्य है कि किसानों की मेहनत बेकार न जाए और उन्हें सरकारी मानकों पर शत-प्रतिशत खरीद की गारंटी मिले।” – नीतू सिंह, चेयरमैन, वेजीटेबल फेडरेशन
सब्जियों का अंतरराज्यीय निर्यात
रजौन की सब्जियों की पहुंच अब सिर्फ स्थानीय मंडियों तक सीमित नहीं रहेगी। फेडरेशन एक ऐसी चेन तैयार कर रहा है, जिससे यहां की ताजी सब्जियां बिहार के बाहर के राज्यों तक पहुंचाई जा सकें। इसके लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। नीतू सिंह का लक्ष्य है कि ‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ का नारा धरातल पर उतरे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और युवाओं को कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
बिहार में सब्जी उत्पादन की अपार संभावनाएँ हैं, लेकिन कोल्ड चेन मैनेजमेंट की कमी एक बड़ी बाधा रही है। रजौन में कोल्ड स्टोरेज बनने से बिचौलियों पर निर्भरता खत्म होगी। जब किसान सीधे बड़े बाजारों और बाहरी राज्यों से जुड़ेंगे, तो उनकी मोल-भाव करने की क्षमता बढ़ेगी। यह परियोजना केवल कृषि नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का एक मॉडल बनने की क्षमता रखती है।
शिक्षा और विकास संवाद
इस बैठक में केवल कृषि पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि शिक्षा और सामाजिक विकास जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता दी गई। कार्यक्रम के दौरान एक सम्मान समारोह भी रखा गया। अर्पणा कुमारी ने नीतू सिंह को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया, जबकि डॉ. अमरेंद्र कुमार चौधरी ने श्याम कुमार और मुखिया ब्रह्मदेव सिंह का स्वागत किया। इस पूरे आयोजन में एक सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली, जो बताती है कि रजौन के विकास के लिए स्थानीय नेतृत्व और किसान पूरी तरह एकजुट हैं।
अगले कदम क्या होंगे?
अब मुख्य कार्य तेजी से भूमि के आवंटन और निर्माण प्रक्रिया को शुरू करना है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो अगले कुछ महीनों में रजौन प्रखंड की तस्वीर बदलनी शुरू हो जाएगी। प्रगतिशील किसान अब नई तकनीक और बेहतर बीज के उपयोग के लिए भी तैयार हो रहे हैं, ताकि वे फेडरेशन के मानकों पर खरा उतर सकें। यह पूरे बांका जिले के लिए विकास का एक नया अध्याय है।








