रजौन/बांका, अंग भारत। सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को रजौन प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार परिसर में त्रि-दिवसीय ‘सेवा सेतु शिविर’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रखंड विकास पदाधिकारी अंतिमा कुमारी ने मुख्य अतिथि बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. सुग्रीव दास का बुके देकर आत्मीय स्वागत किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की 26 प्रमुख योजनाओं सहित बिहार सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाना और आम लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. सुग्रीव दास ने उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। वहीं बीडीओ अंतिमा कुमारी एवं भाजपा दक्षिणी मंडल अध्यक्ष सह बीस सूत्री उपाध्यक्ष नितेश कुमार उर्फ बंटी साह ने प्रखंडवासियों से अपील की है कि 6 से 8 अक्टूबर तक आयोजित इस शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लें और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं। शिविर के पहले दिन दर्जनों महिला-पुरुष अपनी-अपनी समस्याओं और आवेदनों को लेकर पहुंचे थे, जहां संबंधित विभाग के अधिकारियों ने उनकी समस्याओं के त्वरित निदान के साथ-साथ उन्हें योजनाओं के प्रति उचित मार्गदर्शन भी दिया। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां राशन कार्ड, आधार, पेंशन, आवास, शिक्षा, विद्युत, कृषि एवं मनरेगा से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु संबंधित अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। इस अवसर पर बीडीओ अंतिमा कुमारी, सीओ विश्वजीत कुमार, एमओ राजबाला सिंह, बीएसओ तारकेश्वर रजक, बीएओ अरविंद कुमार सिंह, एलईओ कृष्ण भूषण, बीसीईओ निखिलेश कुमार, बीईओ सोयम चक्रपाणि कनिष्क, डिजिटल लाइब्रेरी टेक्नीशियन ऋषव कुमार, सुपरवाइजर मो. शहवाज, आईसीडीएस की महिला पर्यवेक्षिका श्वेता कुमारी, विद्युत विभाग से जेई भरत कुमार व जेएसी प्रकाश कुमार तथा वीबी-जी-रामजी (मनरेगा) पीओ धर्मेंद्र कुमार व बीएफटी कृष्ण मोहन यादव सहित भाजपा नेता श्रीकांत रजक व सरगुन हरिजन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।







