नवम्बर 6, 2026 6:11 अपराह्न

Founder – Mohan Milan

काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर का श्रीनगर, बडगाम, बिजबेहरा,अनंतनाग, पुलवामा में छापा, आतंकी भर्ती कनेक्शन में पाकिस्तान का चेहरा आया सामने

श्रीनगर,अंग भारत। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने आतंकी भर्ती से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए कश्मीर घाटी के पांच जिलों में एक साथ व्यापक छापेमारी की। पुलिस टीमों ने श्रीनगर, बडगाम, बिजबेहरा, अनंतनाग के मट्टन और पुलवामा जिले के एक गांव में स्थित कई ठिकानों की गहन तलाशी ली। सीआईके पुलिस स्टेशन श्रीनगर में दर्ज एफआईआर संख्या 07/2023 के सिलसिले में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई है। इस जांच के जरिए पाकिस्तान स्थित आतंकी आकाओं और उनके स्थानीय मददगारों द्वारा चलाए जा रहे दुष्प्रचार और भर्ती तंत्र को ध्वस्त करने की योजना तैयार की गई है।

छापेमारी और पुलिस कार्रवाई

सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया। कार्रवाई के समय स्थानीय पुलिस और राजस्व अधिकारियों के साथ कार्यकारी मजिस्ट्रेट भी मौके पर तैनात रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने प्रत्येक संदिग्ध ठिकाने की बारीकी से जांच की।

इस पूरी कार्रवाई से जुड़े प्रमुख विवरण तालिका में दिए गए हैं:

विशिष्ट विवरण संबंधित जानकारी
प्रकरण संख्या एफआईआर नंबर 07/2023 (सीआईके थाना, श्रीनगर)
प्रभावित जिले श्रीनगर, बडगाम, अनंतनाग, पुलवामा
प्रमुख स्थल बिजबेहरा, मट्टन, बडगाम, पुलवामा का ग्रामीण क्षेत्र
शामिल एजेंसियां सीआईके, स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग
निरीक्षक अधिकारी कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrates)

पाकिस्तान का ऑनलाइन भर्ती नेटवर्क

सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के हैंडलर इंटरनेट का सहारा ले रहे हैं। ये हैंडलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए स्थानीय युवाओं को बरगलाने और उनका माइंडवॉश करने का काम कर रहे हैं। डिजिटल माध्यमों से नफरत फैलाने वाले संदेश, भड़काऊ ऑडियो-वीडियो सामग्री और फर्जी प्रचार सामग्री भेजकर युवाओं को देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ भड़काया जा रहा था।

सीआईके के अनुसार, सीमा पार बैठे आतंकी आका कश्मीरी युवाओं को ऑनलाइन माध्यमों से संपर्क में लाकर उन्हें गैर-कानूनी गतिविधियों में धकेलने की साजिश रच रहे हैं।

डिजिटल रेडिकलाइजेशन पर सख्त नजर

हाल के समय में आतंकी संगठनों ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया है। वे अब प्रत्यक्ष मुलाकात के बजाय एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप, टेलीग्राम चैनलों और अन्य गुप्त सोशल मीडिया समूहों का सहारा लेते हैं। इन समूहों में युवाओं को झूठे वादों और भ्रामक तर्कों से प्रभावित किया जाता है।

सीआईके इस प्रकार के डिजिटल नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए विशेष तकनीकी निगरानी प्रणाली का उपयोग कर रही है। संदिग्ध आईपी एड्रेस, टेलीग्राम चैट ग्रुप्स और वित्तीय लेन-देन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ऑनलाइन माध्यम से कट्टरपंथ फैलाने वाले मुख्य हैंडलर्स की पहचान की जा रही है ताकि उनके स्थानीय सहयोगियों तक पहुंचा जा सके।

कश्मीर में सीआईके की रणनीतिक कार्रवाई

प्रतिबंधित संगठनों के भर्ती अभियानों को नाकाम करने के लिए सीआईके निम्नलिखित स्तरों पर काम कर रही है:

  • डिजिटल फॉरेंसिक जांच: बरामद फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण।
  • ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क की पहचान: घाटी में सक्रिय मददगारों और कूरियर के रूप में काम करने वालों का पता लगाना।
  • कानूनी कार्रवाई: गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ सख्त मामले दर्ज करना।
  • सामाजिक जागरूकता: परिवारों और स्थानीय नागरिकों को इस बात के प्रति सतर्क करना कि उनके बच्चे इंटरनेट का सही इस्तेमाल करें।

सीमा पार की साजिशों पर शिकंजा

पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा जैसे प्रतिबंधित संगठन कश्मीर में शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के लिए बार-बार नए तरीके अपनाते हैं। जब मैदान पर प्रत्यक्ष नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया जाता है, तब ये संगठन साइबर स्पेस का उपयोग करके युवाओं को निशाना बनाते हैं। इसी खतरे को भांपते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआईके ने अपने सूचना नेटवर्क को और मजबूत किया है।

इस छापेमारी के दौरान किसी की गिरफ्तारी या किसी आपत्तिजनक सामग्री की जब्ती को लेकर विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांचकर्ताओं का कहना है कि जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक डेटा और दस्तावेजों का गहन विश्लेषण पूरा होने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियां की जाएंगी। घाटी में शांति बनाए रखने और युवाओं को किसी भी आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बनने से रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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