बौंसी/बिहार/अंगभारत। जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला के निर्देश पर गुरुवार को बौंसी दुमका रोड स्थित इंडियन गैस एजेंसी की जांच की गई। मालूम हो कि विगत एक महीने से इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध चल रहा है। जिसकी वजह से भारत में भी घरेलू गैस की भारी किल्लत हो गई है। लगातार घरेलू गैस की किल्लतों के बाद गैस एजेंसी और गोदामों के आस पास उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें गैस लेने के लिये लगी रहती है। घरेलू एवं कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को कई बार गैस एजेंसी से खाली हाथ भी लौटना पड़ रहा है। घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं के लिये गैस उठाव के लिये नियमावली में बदलाव किया गया है। मालूम हो कि शहरी क्षेत्र में गैस उठाव के लिये 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों का अंतराल कर दिया गया है। जिससे गैस की जमाखोरी पर लगाम लगाया जा सके। हालांकि बाजार क्षेत्र में अभी भी चोरी छिपे, खुला गैस भरने का कार्य चल रहा है। एक-एक व्यक्ति कई कई लोगों का कार्ड लेकर गैस का उठाव करते नजर आ रहे हैं। जिस पर जिला प्रशासन के द्वारा ठोस कदम उठाते हुए गैस के कालाबाजारी पर रोकथाम लगाने के लिये गुरुवार को मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर बाजार स्थित गैस एजेंसी कार्यालय और गोदाम की जांच पड़ताल करवाई गई। धोरैया खाद आपूर्ति पदाधिकारी मदन मोहन के साथ-साथ बौंसी श्रम परिवर्तन पदाधिकारी मनोज कुमार एवं इंस्पेक्टर थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा के द्वारा घंटा गैस एजेंसी संचालक संजीव कुमार साह से लेखा-जोखा लिया गया। बही खाता जांच पड़ताल करने के बाद गोदाम में रखा हुआ भरे हुए सिलेंडर और खाली सिलेंडर का मिलान भी अधिकारियों के द्वारा किया गया। खाद आपूर्ति पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर गैस गोदाम की जांच की गई है ताकि जमाखोरी करने के साथ-साथ कालाबाजारी पर भी रोकथाम लगाए जा सके उन्होंने बताया कि एक हफ्ते के अंदर गैस की किल्लत समाप्त हो जायेगी और प्रत्येक गैस उपभोक्ताओं के घर पर एजेंसी के द्वारा गैस पहुंचाने का कार्य आरंभ कर दिया जायेगा।










