Founder – Mohan Milan

गैस किल्लत पर प्रशासन सख्त: डीएम के निर्देश पर बौंसी में इंडियन गैस एजेंसी व गोदाम की जांच, कालाबाजारी पर कड़ी नजर

बौंसी/बिहार/अंगभारत। बिहार के बांका जिले के अंतर्गत बौंसी में एलपीजी रसोई गैस की भारी किल्लत के बीच जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला के सख्त निर्देश पर बौंसी-दुमका रोड स्थित इंडियन गैस एजेंसी और उसके मुख्य गोदाम पर गुरुवार को अधिकारियों की एक विशेष टीम ने औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार में गैस की कृत्रिम किल्लत पैदा कर की जा रही कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी पर पूरी तरह से लगाम लगाना है। पिछले एक महीने से घरेलू गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ था, जिसके बाद प्रशासन को इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर गैस एजेंसी के बही-खातों को खंगाला और गोदाम में मौजूद खाली व भरे हुए सिलेंडरों के स्टॉक का बारीकी से मिलान किया।

संकट की असली वजह

दरअसल, इस स्थानीय गैस किल्लत के तार सीधे तौर पर वैश्विक संकट से जुड़े हुए हैं। पिछले करीब एक महीने से इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की सप्लाई चेन टूटी है। इसी का असर बौंसी और इसके आस-पास के इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। गैस एजेंसी और गोदामों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें सुबह से ही लग जाती हैं। कई बार घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी आम लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति ने स्थानीय स्तर पर बिचौलियों को सक्रिय कर दिया, जो मजबूरी का फायदा उठा रहे थे।

बदले गए नए नियम

गैस की हो रही भारी जमाखोरी और मनमाने उठाव को रोकने के लिए प्रशासन ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब घरेलू और कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर लेने की समय-सीमा को कड़ा कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस नियम से उन लोगों पर लगाम लगेगी जो एक साथ कई सिलेंडर बुक कर लेते हैं। नए नियमों के अनुसार बुकिंग का अंतराल इस प्रकार तय किया गया है:

उपभोक्ता क्षेत्र बुकिंग का नया अंतराल प्रशासन का मुख्य लक्ष्य
शहरी क्षेत्र 25 दिन गैस की जमाखोरी और अवैध रिफिलिंग रोकना
ग्रामीण क्षेत्र 45 दिन सभी घरों तक समान रूप से सिलेंडर पहुंचाना

इस नए नियम के बावजूद बाजार में चोरी-छिपे छोटे सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग का धंधा धड़ल्ले से चल रहा था। कई लोग दूसरों के नाम के गैस कार्ड इकट्ठा कर अवैध रूप से गैस उठा रहे थे। इसी धांधली की गुप्त सूचना जब जिला प्रशासन के पास पहुंची, तो त्वरित कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई।

कैसे हुई छापेमारी

गुरुवार को बौंसी बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां सीधे इंडियन गैस एजेंसी के दफ्तर के बाहर रुकीं। डीएम नवदीप शुक्ला के आदेश पर मौके पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। इस जांच टीम की कमान धोरैया खाद आपूर्ति पदाधिकारी मदन मोहन, बौंसी श्रम परिवर्तन पदाधिकारी मनोज कुमार और इंस्पेक्टर थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा संभाल रहे थे।

जांच अधिकारियों ने गैस एजेंसी संचालक संजीव कुमार साह को मौके पर ही रोककर कागजात दिखाने को कहा। टीम ने दफ्तर में बैठकर कई घंटों तक स्टॉक रजिस्टर, बुकिंग बही-खाता और डिलीवरी रिपोर्ट का मिलान किया। इसके बाद अधिकारी सीधे गोदाम पहुंचे। वहां रखे खाली और भरे हुए सिलेंडरों की गिनती की गई ताकि यह पता चल सके कि कहीं कागजों पर हेराफेरी कर सिलेंडरों को ब्लैक मार्केट में तो नहीं भेजा जा रहा है।

अधिकारियों का दावा

जांच पूरी होने के बाद धोरैया खाद आपूर्ति पदाधिकारी मदन मोहन ने स्थानीय लोगों और उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने वाली बात कही। उन्होंने साफ किया कि प्रशासन की पैनी नजर हर एक गतिविधि पर है और किसी भी सूरत में कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है।

“जिलाधिकारी के निर्देश पर यह पूरी जांच प्रक्रिया पूरी की गई है ताकि जमाखोरी और गैस की अवैध बिक्री को पूरी तरह रोका जा सके। हमें उम्मीद है कि अगले एक हफ्ते के भीतर बौंसी में गैस की किल्लत पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। इसके तुरंत बाद गैस एजेंसी के जरिए उपभोक्ताओं के घरों तक होम डिलीवरी की सुविधा सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएगी।”
– मदन मोहन, खाद आपूर्ति पदाधिकारी, धोरैया

उपभोक्ताओं की परेशानी

प्रशासन की इस कार्रवाई से आम लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गैस संकट के कारण घरों का बजट और रसोई का काम पूरी तरह बिगड़ गया था। ग्रामीण इलाकों में तो स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि लोगों को मजबूरन पुराने चूल्हों और लकड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा था। वहीं बाजार क्षेत्र में कुछ रसूखदार लोग अधिक कीमत देकर आसानी से सिलेंडर हासिल कर रहे थे, जबकि गरीब उपभोक्ताओं को चक्कर काटने पड़ रहे थे। अब पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और मजिस्ट्रेट की निगरानी के बाद लोगों को भरोसा है कि गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और जरूरतमंदों को समय पर एलपीजी सिलेंडर मिल सकेगा।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon