चंडीगढ़,अंग भारत| पंजाब सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को लागू कर दिया है। इस योजना का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है और इसके तहत पंजीकरण प्रक्रिया 13 अप्रैल यानी बैसाखी के दिन से शुरू होगी।
महिलाओं को हर महीने मिलेगी आर्थिक सहायता
सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की सहायता राशि मिलेगी।इस योजना की घोषणा राज्य सरकार ने 8 मार्च को बजट पेश करते समय की थी, जिसे अब लागू कर दिया गया है।
Read more……..पंजाब पुलिस ने आआपा विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया
पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। इनमें पंजाब का आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और बैंक खाते की पासबुक शामिल है। अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए जाति प्रमाण पत्र भी अनिवार्य होगा।सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क होगी। महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों और सेवा केंद्रों पर जाकर आसानी से पंजीकरण करा सकेंगी।
DBT के जरिए सीधे खाते में पैसा
योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह प्रक्रिया डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सुविधा
सरकार ने ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाली महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की है। इसके तहत फेसिलिटेटर और मोबिलाइजर्स की नियुक्ति की जाएगी, जो महिलाओं को बैंक खाता खुलवाने, आधार लिंक कराने और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सहायता करेंगे।
निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार डिजिटल माध्यमों का सहारा ले रही है। मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड के जरिए पूरे सिस्टम की निगरानी की जाएगी। जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नरों को योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मृत्यु की स्थिति में सहायता बंद
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसे मिलने वाली मासिक सहायता तुरंत बंद कर दी जाएगी। हालांकि, अंतिम संस्कार के लिए यदि कोई अग्रिम राशि दी गई है, तो उसकी वसूली नहीं की जाएगी।
यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि इससे खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को बड़ा लाभ मिलेगा।










