तेल अवीव/तेहरान, अंग भारत| पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। शुक्रवार तड़के ईरान द्वारा इजराइल के कई प्रमुख शहरों पर किए गए भीषण हवाई हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा की धज्जियां उड़ा दी हैं। इन हमलों में रामत गान, रोश हा’यिन और बीरशेबा जैसे शहरों को सीधे निशाना बनाया गया, जिससे न केवल जानमाल का भारी नुकसान हुआ है, बल्कि बिजली और औद्योगिक ढांचे को भी बड़ा धक्का लगा है। एक व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि हवाई हमलों की गूंज पूरे क्षेत्र में दहशत पैदा कर रही है।
हमलों के प्रमुख निशाने
ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों ने इजराइल के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस करने की कोशिश की है। रामत गान में एक बहुमंजिला इमारत पूरी तरह से ढह गई है, जिसे लेकर वहां की फायर एंड रेस्क्यू सर्विस लगातार मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटी है। हमले की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रोश हा’यिन में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
- रामत गान: इमारत ढहने से हड़कंप, राहत कार्य जारी।
- रोश हा’यिन: बिजली तंत्र फेल, अंधकार में डूबा शहर।
- बीरशेबा: नियोत होवाव औद्योगिक क्षेत्र पर मिसाइलें गिरीं।
औद्योगिक क्षेत्र को क्षति
बीरशेबा के दक्षिण में स्थित नियोत होवाव औद्योगिक क्षेत्र पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करना एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। यह इलाका इजराइल की औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र है। इन हमलों के कारण उत्पादन प्रक्रियाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। वहीं, बेनी ब्राक में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जहां एक नागरिक के घायल होने की खबर है, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अमेरिका का शामिल होना
तनाव अब इजराइल और ईरान के दायरे से बाहर निकलता दिख रहा है। तेहरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब अमेरिका के एक ए-10 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। हालांकि, अमेरिका की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने वैश्विक स्तर पर युद्ध के विस्तार की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
बढ़ती सैन्य आक्रामकता
यह पूरा संघर्ष अचानक शुरू नहीं हुआ है। इसकी जड़ें तेहरान के पश्चिम में स्थित करज शहर के एक महत्वपूर्ण पुल पर हुए हालिया हमले में छिपी हैं। उस घटना के बाद ईरान का रुख काफी कठोर हो गया है। इसके जवाब में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी बयानबाजी ने आग में घी का काम किया है। उन्होंने ईरान को नागरिक सुविधाओं और पावर प्लांटों पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस चेतावनी को खारिज करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और ‘युद्ध अपराध’ करार दिया है।
कुवैत के गंभीर आरोप
क्षेत्रीय राजनीति में कुवैत ने भी ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कुवैत का दावा है कि ईरानी मिसाइलें उनके जल विलवणीकरण संयंत्र और तेल रिफाइनरी तक पहुंची हैं। हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। इन परस्पर विरोधाभासी बयानों के बीच आम जनता का भरोसा डगमगा गया है और कूटनीतिक हलकों में बेचैनी साफ देखी जा सकती है।
युद्ध का मानवीय असर
28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब तक एक बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल चुका है। ताजा आंकड़ों के अनुसार:
| विवरण | अनुमानित संख्या |
|---|---|
| कुल मौतों का आंकड़ा | 2,000 से अधिक |
| घायलों की संख्या | हजारों में |
| प्रभावित क्षेत्र | पश्चिम एशिया का बड़ा हिस्सा |
इन हमलों के चलते न केवल जानमाल का नुकसान हुआ है, बल्कि लाखों लोग विस्थापन और अनिश्चितता के साये में जीने को मजबूर हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर चर्चा कर रहा है कि कैसे इस आग को और फैलने से रोका जाए। आने वाले दिन इस पूरे क्षेत्र के लिए बेहद निर्णायक साबित होंगे।








