पटना,अंग भारत| बिहार की राजनीतिक इतिहास में आज का दिन एक अहम मोड़ के रूप में दर्ज हो गया है।राज्य की सत्ता में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सीधी कमान स्थापित होती नजर आ रही है।भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया है।ऐसे में अब उनके बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।मंगलवार को नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।उनके इस्तीफे के साथ ही राज्य में दो दशकों से अधिक समय से चला आ रहा ‘नीतीश युग’ समाप्त हो गया।उन्होंने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपकर सरकार के औपचारिक अंत की प्रक्रिया पूरी की।इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।करीब 20 साल 5 महीने तक सत्ता में रहने के बाद नीतीश कुमार का यह कदम बड़ा बदलाव माना जा रहा है।वे बिहार की राजनीति के सबसे लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले नेताओं में शामिल रहे हैं।नीतीश कुमार ने पहली बार मार्च 2000 में मुख्यमंत्री पद संभाला था।इसके बाद वे कुल सात बार इस पद पर आसीन रहे।उनके कार्यकाल में बिहार में कई प्रशासनिक और विकासात्मक बदलाव देखने को मिले।हालांकि अब उनके इस्तीफे के साथ एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत मानी जा रही है।
Read more…..आज राज्यपाल को इस्तीफा देंगे सीएम नीतीश कुमार
नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज
इस्तीफे के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।एनडीए की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया।इस फैसले के बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की औपचारिक घोषणा भी कर दी गई है।
कल होगा शपथ ग्रहण समारोह
जानकारी के अनुसार, सम्राट चौधरी का शपथ ग्रहण समारोह कल सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा।इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।राजनीतिक हलकों में इस समारोह को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी की चर्चा
चर्चा है कि शपथ ग्रहण समारोह में नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं।हालांकि, उनकी उपस्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।फिलहाल पूरे बिहार की नजरें इस बड़े राजनीतिक बदलाव पर टिकी हुई हैं।नई सरकार से जनता की अपेक्षाएं भी काफी बढ़ गई हैं।आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति किस दिशा में जाएगी, यह देखना अहम होगा।








