लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा, विमान में लगी भीषण आग
जोरहाट (असम),अंग भारत। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का एक AN-32 परिवहन विमान शनिवार को असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स स्टेशन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ, जिसके बाद उसमें भीषण आग लग गई। भारतीय वायुसेना ने घटना की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद एयरबेस परिसर में ऊंची लपटें और घना धुआं दिखाई दिया। हादसे की सूचना मिलते ही एयरफोर्स स्टेशन पर मौजूद आपातकालीन टीमें सक्रिय हो गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
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43 स्क्वाड्रन का विमान बताया जा रहा
सूत्रों के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त विमान भारतीय वायुसेना की 43 स्क्वाड्रन से जुड़ा AN-32 परिवहन विमान था, जो नियमित सैन्य उड़ान पर था। AN-32 का उपयोग मुख्य रूप से सैन्य सामग्री, रसद आपूर्ति, सैनिकों और उपकरणों के परिवहन के लिए किया जाता है।बताया जा रहा है कि विमान निर्धारित रनवे पर सुरक्षित तरीके से उतर नहीं सका और एयरबेस के घास एवं उबड़-खाबड़ हिस्से में पहुंच गया। इसी दौरान जोरदार धमाके के साथ विमान में आग लग गई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार विमान दो हिस्सों में भी बंट गया।
फायर ब्रिगेड और बचाव दल ने संभाला मोर्चा
हादसे के तुरंत बाद एयरबेस पर तैनात फायर ब्रिगेड और आपातकालीन बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और इलाके को सुरक्षित किया।प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटनास्थल से तकनीकी और परिचालन संबंधी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
चालक दल की स्थिति पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल विमान में सवार चालक दल और अन्य सैन्य कर्मियों की स्थिति को लेकर भारतीय वायुसेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में आशंकाएं जताई गई हैं, लेकिन वायुसेना ने अभी किसी प्रकार की पुष्टि नहीं की है।वायुसेना ने संक्षिप्त बयान जारी करते हुए कहा है कि जोरहाट में AN-32 विमान दुर्घटना का शिकार हुआ है और विस्तृत जानकारी उपलब्ध होते ही साझा की जाएगी। साथ ही दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
पूर्वोत्तर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है जोरहाट एयरबेस
जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स स्टेशन भारतीय वायुसेना के पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रमुख सैन्य अड्डों में से एक है। यह एयरबेस सैन्य रसद आपूर्ति, वायु अभियानों और रणनीतिक गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।पूर्वोत्तर राज्यों और सीमावर्ती इलाकों में सैन्य संचालन के लिए यह एयरबेस बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में इस हादसे ने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी, लैंडिंग के दौरान आई दिक्कत या अन्य परिचालन कारणों की जांच की जा रही है। वायुसेना की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।










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