पटना,अंग भारत। बिहार में उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि राज्य में कमजोर पड़ चुका मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले कुछ दिनों के लिए राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के इस ताजा अनुमान से साफ है कि अगले 48 से 72 घंटों के भीतर बिहार के अलग-अलग हिस्सों में झमाझम बारिश देखने को मिलेगी, जिससे न केवल तापमान में भारी गिरावट आएगी बल्कि सूख रहे खेतों को भी नया जीवन मिलेगा।
किन जिलों में अलर्ट?
मौसम विभाग ने बारिश की चेतावनी को दो चरणों में बांटा है। सबसे पहले 30 जुलाई को दक्षिण बिहार के कुछ खास हिस्सों में भारी बारिश की उम्मीद जताई गई है। इसके बाद मानसून का असर पूरे सूबे पर दिखेगा।
- 30 जुलाई का पूर्वानुमान: इस दिन कैमूर, औरंगाबाद, गया और नवादा जिलों में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन जिलों के लोगों को बिना वजह बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
- 31 जुलाई से 2 अगस्त तक: इन तीन दिनों के दौरान बारिश का दायरा बहुत बढ़ जाएगा। पटना, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, नालंदा, लखीसराय, बेगूसराय, जहानाबाद, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, खगड़िया, रोहतास और अरवल समेत लगभग सभी जिलों में बादलों की गर्जना के साथ बारिश होने के आसार हैं।
मौसम में बड़े बदलाव
पिछले कुछ दिनों से आसमान साफ होने और कड़ी धूप के कारण बिहार के लोग पसीने से तर-बतर थे। लेकिन अब हवा का रुख बदल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश शुरू होने के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में लगभग 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आ सकती है।
तापमान गिरने से रातें ठंडी होंगी और न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। इस बदलाव से हवा में मौजूद चिपचिपी उमस गायब हो जाएगी और मौसम खुशनुमा हो जाएगा। लोग गर्मी से चैन की सांस ले सकेंगे।
हालिया आंकड़ों पर नजर
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों को देखें तो बिहार के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग ही मिजाज देखने को मिला है। एक तरफ जहां अरवल में मूसलाधार बारिश हुई, वहीं कैमूर का भभुआ इलाका गर्मी से तप रहा था। नीचे दी गई तालिका से आप ताजा स्थिति को आसानी से समझ सकते हैं:
| स्थान/जिला | दर्ज किया गया आंकड़ा | मौसम की स्थिति |
|---|---|---|
| अरवल | 57 मिमी वर्षा | सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला |
| कैमूर (भभुआ) | 37.9 डिग्री सेल्सियस | राज्य में सबसे अधिक तापमान |
| राजगीर | 26.5 मिमी वर्षा | मध्यम दर्जे की बारिश |
| रोहतास, सीवान, फॉरबिसगंज | – | हल्की से मध्यम बौछारें |
आसमान की बिजली से बचाव
बिहार में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली यानी वज्रपात एक गंभीर खतरा बनकर उभरता है। हर साल इसकी चपेट में आने से कई लोगों की जान चली जाती है। मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और वज्रपात की विशेष चेतावनी जारी की है। जब आसमान में बादल गरज रहे हों, तब सुरक्षा के लिए कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
“जब बिजली कड़क रही हो, तो पेड़ के नीचे छिपना सबसे बड़ी भूल है। धातु की चीजों से दूर रहें और तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें।” – स्थानीय मौसम विशेषज्ञ
खेतों में काम करने वाले किसान भाइयों को इस दौरान अधिक सतर्क रहना होगा। आसमान में काले बादल छाते ही काम रोककर सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए। गीली मिट्टी और पानी बिजली के बेहतरीन सुचालक होते हैं, इसलिए इस मौसम में खुले बदन खेतों में रहने से बचें।
खेती पर क्या असर?
यह बारिश बिहार के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। खरीफ सीजन की मुख्य फसल, धान की रोपनी के लिए पानी की बहुत जरूरत होती है। जून और जुलाई के शुरुआती हफ्तों में कम बारिश होने की वजह से कई इलाकों में धान की रोपाई पिछड़ रही थी। इस नए स्पेल के आने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। खेतों में पानी जमा होने से धान के पौधों को नया पोषण मिलेगा। हालांकि, जिन इलाकों में पहले से पानी भरा है, वहां जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है, जिससे निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट रहने को कहा गया है।
शहरी इलाकों की चुनौती
भारी बारिश की इस चेतावनी के बाद पटना नगर निगम और अन्य शहरों के स्थानीय निकायों की चिंता बढ़ गई है। पटना के निचले इलाकों में हर साल थोड़ी सी तेज बारिश के बाद जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि 31 जुलाई से शुरू होने वाला यह दौर काफी तेज हो सकता है। ऐसे में नगर निकायों को नालों की सफाई और वाटर पंपों को दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है, ताकि सड़कों पर पानी जमा न हो और आम जनता को यातायात में कोई बड़ी परेशानी न झेलनी पड़े।







