कोलकाता,अंग भारत। न्यूरोक्रिटिकल केयर सोसाइटी ऑफ इंडिया का सातवां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन ‘एनसीएसआई 2026’ शुक्रवार रात कोलकाता के ताज ताल कुटीर में शुरू हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख विशेषज्ञ, चिकित्सक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवर हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का विषय ‘बुनियादी सिद्धांतों से नई उपलब्धियों तक : न्यूरोक्रिटिकल केयर को आगे बढ़ाना’ है।
आधुनिक तकनीक पर विशेष जोर
सम्मेलन में न्यूरोक्रिटिकल केयर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र पर विशेषज्ञ मंथन कर रहे हैं। बुनियादी चिकित्सा सिद्धांतों के साथ आधुनिक तकनीक, न्यूरोमॉनिटरिंग, न्यूरोइमेजिंग, सटीक चिकित्सा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
गंभीर न्यूरोलॉजिकल रोगों पर चर्चा
वैज्ञानिक कार्यक्रम में तीव्र स्ट्रोक, मस्तिष्क में रक्तस्राव, सबरैक्नॉयड रक्तस्राव, मस्तिष्क की चोट, स्टेटस एपिलेप्टिकस, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के संक्रमण और न्यूरोमस्कुलर आपात स्थितियों जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है। इसके अलावा न्यूरोलॉजिकल जांच, श्वसन मार्ग और वेंटिलेशन प्रबंधन, रक्तसंचार संबंधी स्थिरीकरण, दौरे और इंट्राक्रैनियल प्रेशर के प्रबंधन तथा मस्तिष्क को होने वाली द्वितीयक क्षति की रोकथाम पर भी विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
12 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ ले रहे हिस्सा
सम्मेलन में 12 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इनमें प्रो. डॉ. रयान हकीमी, डॉ. विजय कुमार शर्मा, डॉ. प्रियंका जैन, डॉ. शोजी योकोबोरी, डॉ. जेमालिन बी. सरापुद्दीन, डॉ. ऋत्विक भाटिया, डॉ. चित्रा वेंकटसुब्रमणियन, डॉ. जो एन सोलिवेन, डॉ. सुरभि टी. सिंह, डॉ. चिदानंद स्वामी मुथुगडुरु नारप्पा, डॉ. सुखेन सामंता और डॉ. सुजय सामंता शामिल हैं। उनकी भागीदारी से वैश्विक स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
शोध और उपचार के बीच बेहतर तालमेल
सम्मेलन में मुख्य व्याख्यान, नवीनतम चिकित्सा प्रगति पर सत्र, पैनल चर्चा, वाद-विवाद, मरीजों से जुड़े मामलों पर चर्चा और व्यावहारिक चिकित्सकीय सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। साक्ष्य आधारित और मरीज-केंद्रित चिकित्सा पद्धति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।आयोजकों के अनुसार, एनसीएसआई 2026 का उद्देश्य वैज्ञानिक शोध और मरीजों के उपचार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। साथ ही शिक्षा, शोध, मार्गदर्शन और विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना भी सम्मेलन का प्रमुख लक्ष्य है।सम्मेलन में न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, इंटेंसिविस्ट, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, आपात चिकित्सा विशेषज्ञ, नर्स, प्रशिक्षु चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का आयोजन प्रो. डॉ. बिभु कल्याणी दास के नेतृत्व में हो रहा है। आयोजन सचिव की जिम्मेदारी डॉ. अरिजीत कुमार बराई और डॉ. राहुल घिया संभाल रहे हैं। आयोजकों ने कहा कि सम्मेलन को वैज्ञानिक चर्चा के साथ-साथ ज्ञान, नवाचार, सहयोग और पेशेवर विकास का मंच बनाया जा रहा है, ताकि गंभीर न्यूरोलॉजिकल रोगियों के उपचार के परिणामों में सुधार हो सके।







