पूर्णिया,अंग भारत। बिहार के सीमांचल क्षेत्र के हवाई यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। पूर्णिया एयरपोर्ट पर अब जल्द ही एक नया, आधुनिक और भव्य स्थायी सिविल एन्क्लेव बनने जा रहा है, जिससे यात्रियों की क्षमता सीधे तीन गुना बढ़ जाएगी। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने इसके लिए लगभग 294 करोड़ रुपये का भारी-भरकम टेंडर जारी कर दिया है। अभी इस हवाई अड्डे की क्षमता सिर्फ 360 यात्री प्रति घंटे की है, जो इस नए टर्मिनल के बनने के बाद बढ़कर 1,000 यात्री प्रति घंटे हो जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल पूर्णिया बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों को सीधे देश के बड़े शहरों के लिए उड़ान भरने की सुविधा मिलेगी।
टेंडर प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल
इस विशाल परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए कागजी कार्रवाई बहुत तेजी से शुरू हो चुकी है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने 22 जुलाई को इस स्थायी सिविल एन्क्लेव के निर्माण के लिए आधिकारिक तौर पर निविदा (टेंडर) आमंत्रित की थी। इसके ठीक अगले दिन यानी 23 जुलाई से इच्छुक कंपनियों के लिए बिड (बोली) भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की आखिरी तारीख 7 सितंबर तय की गई है। इसके बाद, सभी तकनीकी और वित्तीय बोलियों को 11 सितंबर को खोला जाएगा। इस टेंडर को लेकर तैयारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 30 जुलाई को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण प्री-बिड बैठक भी रखी गई है ताकि काम करने वाली कंपनियों के हर सवाल का समाधान किया जा सके। टेंडर फाइनल होने के बाद ठेकेदार कंपनी को इस पूरे प्रोजेक्ट को 18 महीने के भीतर पूरा करना होगा।
कैसा होगा नया टर्मिनल?
पूर्णिया एयरपोर्ट के डायरेक्टर डीपी गुप्ता के अनुसार, यह नया और आधुनिक स्थायी सिविल एन्क्लेव कुल 20,250 स्क्वायर मीटर के विशाल क्षेत्र में फैला होगा। यह पूरी इमारत ‘जी प्लस वन’ यानी दो मंजिला होगी, जिसकी बनावट बेहद आधुनिक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए इस नए टर्मिनल में निम्नलिखित खास इंतजाम किए जा रहे हैं:
- अनोखा ट्रैफिक प्लान: इस नई बिल्डिंग में यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक खास सिस्टम होगा। हवाई जहाज से आने वाले यात्री (आगमन) पहली मंजिल (ऊपर) से बाहर निकलेंगे, जबकि जाने वाले यात्रियों (प्रस्थान) की एंट्री नीचे के फ्लोर से होगी।
- एयरोब्रिज की सुविधा: यात्रियों को धूप या बारिश में सीधे रनवे पर न जाना पड़े, इसके लिए एयरपोर्ट पर आधुनिक एयरोब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
- तेज चेक-इन प्रक्रिया: टर्मिनल के अंदर कुल 16 चेक-इन काउंटर बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को अपना बोर्डिंग पास लेने और सामान जमा करने में लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- नया एप्रन एरिया: नया सिविल एन्क्लेव सीधे एप्रन (हवाई जहाज खड़े करने की जगह) के करीब होगा। अधिकारियों का दावा है कि इस एप्रन का काम इसी साल अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
सुरक्षा और बुनियादी तैयारियां
एक सफल हवाई अड्डे को चलाने के लिए केवल सुंदर इमारत ही काफी नहीं होती, बल्कि सुरक्षा और तकनीकी पहलू भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। इसी सिलसिले में पूर्णिया के जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एयरपोर्ट पर आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य रूप से इन मुद्दों पर रणनीति बनी:
- रनवे के आसपास उड़ने वाले पक्षियों से विमानों को बचाने के लिए ‘बर्ड चेज़र’ की तैनाती करना।
- किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अत्याधुनिक एम्बुलेंस और अग्निशमन (फायर फाइटिंग) गाड़ियों की चौबीस घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- भारतीय वायु सेना (IAF) और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाना, क्योंकि यह एयरपोर्ट सैन्य हवाई क्षेत्र का भी हिस्सा है।
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में एयर फोर्स पूर्णिया के प्रतिनिधि, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सदर पूर्णिया, सिविल सर्जन, जिला अग्निशमन पदाधिकारी और पूर्णिया हवाई अड्डे के उपनिदेशक व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए।
हवाई सेवा का भविष्य
पूर्णिया एयरपोर्ट पर उड़ानों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा समय में यहां से हर रोज 10 उड़ानों का सफल संचालन किया जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले महज 10 महीनों के भीतर ही इस हवाई अड्डे से लगभग 3 लाख यात्रियों ने सफर किया है। यह संख्या दर्शाती है कि सीमांचल के लोगों को हवाई यात्रा की कितनी सख्त जरूरत थी।
एयरपोर्ट डायरेक्टर डीपी गुप्ता ने स्पष्ट किया कि 20,250 वर्ग मीटर का यह नया निर्माण सिर्फ पहला चरण है। अगर आने वाले समय में यात्रियों की संख्या और बढ़ती है, तो इस सिविल एन्क्लेव का और विस्तार किया जाएगा। इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर के तैयार होते ही देश के कई नए और प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे स्थानीय कारोबार, पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को एक नई ताकत मिलेगी।







