अमरपुर/बांका/अंग भारत। अमरपुर प्रखंड के सिमरपुर गांव में वार्षिकोत्सव संकीर्तन की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें 251 महिलाओं और युवतियों ने अपनी आस्था का प्रदर्शन किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि स्थानीय समुदाय की सांस्कृतिक एकता को भी दर्शाता है। शुक्रवार को निकाली गई इस शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया है।
भव्य कलश यात्रा का आयोजन
सिमरपुर गांव की गलियों से शुरू हुई यह कलश यात्रा श्रद्धा का केंद्र रही। इसमें फतेहपुर, मादाचक और कठैल सहित आसपास के कई गांवों से पहुंची महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यात्रा के दौरान:
- 251 महिलाओं और युवतियों ने पवित्र कलश सिर पर धारण किए।
- पूरे रास्ते भक्ति गीतों और जयघोष से वातावरण गूंजता रहा।
- पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।
चांदन नदी का जल भराई
शोभायात्रा का मुख्य पड़ाव प्रसिद्ध बाबा ज्येष्ठगौर नाथ महादेव मंदिर परिसर था। मंदिर के पास बहने वाली चांदन नदी के तट पर जल भराई का विशेष अनुष्ठान संपन्न हुआ। गुड्डू शर्मा और बाल्मिकी तांती की देखरेख में आयोजित इस अनुष्ठान में विद्वान पंडितों ने विधि-विधान से पूजा कराई। पवित्र जल भरने के बाद श्रद्धालु उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ संकीर्तन स्थल तक वापस लौटे, जहां अखंड रामधुनी का श्रीगणेश किया गया।
संस्कृति और सामाजिक एकता
समाजसेवी युगल किशोर तांती ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसी परंपराएं समाज को आपस में जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उनके अनुसार:
“धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये हमारे समाज में भाईचारा और प्रेम को नई मजबूती देते हैं। जब हमारी युवा पीढ़ी इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाती है, तो वे अपनी जड़ों और संस्कारों के साथ गहराई से जुड़ते हैं।”
24 घंटे अखंड संकीर्तन
गांव के संकीर्तन स्थल पर शनिवार तक लगातार 24 घंटे की रामधुनी गूंजेगी। यह अखंड संकीर्तन न केवल शांति का संदेश देता है, बल्कि क्षेत्र के लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। संकीर्तन का समापन एक विशाल भंडारे के साथ होगा, जिसके लिए गांव के हर घर और स्वयंसेवकों ने विशेष तैयारियां की हैं।
सफल आयोजन का श्रेय
इस पूरे अनुष्ठान को सफल बनाने में ग्रामीणों का योगदान अद्वितीय रहा है। आयोजन की सफलता में पंडित रघुनंदन शर्मा, सूरज शर्मा, विनय तांती, फंटुस तांती, मिथुन तांती और डॉ. चंद्रकांत भास्कर जैसे स्थानीय निवासियों की भूमिका विशेष रही। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों में सुरेंद्र शर्मा, प्रमोद शर्मा और अनिल शर्मा जैसे अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन भी शामिल था, जिन्होंने पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद की।
आयोजन के प्रमुख आकर्षण
| कार्यक्रम | विवरण |
|---|---|
| कलश संख्या | 251 (महिलाएं और युवतियां) |
| मुख्य अनुष्ठान | अखंड रामधुनी संकीर्तन |
| समापन | विशाल भंडारा |
| मुख्य स्थल | सिमरपुर गांव संकीर्तन स्थल |
सिमरपुर में हुआ यह आयोजन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ग्रामीण परिवेश की जीवंतता को दर्शाता है। धर्म और परंपरा के नाम पर जमा हुई यह भीड़ न केवल ईश्वर की स्तुति कर रही है, बल्कि एक-दूसरे के साथ सुख-दुख साझा करने के अवसर भी पैदा कर रही है।








