रांची,अंग भारत। उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े बहुचर्चित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 28 आरोपितों की जमानत याचिका पर शुक्रवार को अदालत में सुनवाई हुई। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस डायरी तलब की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।
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जमानत के लिए कोर्ट पहुंचे आरोपित
जिन 28 आरोपितों ने जमानत याचिका दाखिल की है, उनमें अनिल कुमार यादव, विवेक कुमार सिंह, आकाश कुमार, शिवम सिंह, ममता कुमारी, मणिशंकर भगत, संजीत कुमार, संदीप कुमार, श्रीमती कुमारी और मोहम्मद मुख्तार अंसारी सहित अन्य शामिल हैं।इससे पहले भी 20 अन्य आरोपितों ने अदालत में जमानत की अर्जी दाखिल की थी। सभी ने अपनी दलील में कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है और अगर उन पर मुकदमा चलता है तो उनका शैक्षणिक करियर बर्बाद हो जाएगा।
छापेमारी में हुआ था बड़ा खुलासा
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस को सूचना मिली कि तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जमा हैं। सूचना के आधार पर 11 अप्रैल की देर रात विशेष छापेमारी दल ने वहां रेड की।इस कार्रवाई में कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 152 पुरुष अभ्यर्थी, 7 महिला अभ्यर्थी और 5 गैंग सरगना शामिल थे। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन अधिकांश को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस मामले में अंतरराज्यीय पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह सक्रिय था। गिरफ्तार सरगनाओं में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद शामिल हैं।जांच के अनुसार, गैंग के एजेंटों ने अभ्यर्थियों को एक स्थान पर रखकर उन्हें परीक्षा के प्रश्न और उत्तर रटवाए जा रहे थे। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड भी अपने कब्जे में ले लिए गए थे।
लाखों में हुई थी डील
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल में अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपये तक की डील की गई थी। कुछ अभ्यर्थियों ने गिरोह के सदस्यों के नाम पर बैंक चेक भी दिए थे। इससे मामले की गंभीरता और संगठित अपराध की परतें सामने आई हैं।इस संबंध में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल अदालत द्वारा केस डायरी तलब किए जाने के बाद सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही जमानत पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।











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