पटना,अंग भारत। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचाने का संदेश देते हुए एक अनोखी पहल की। मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय तक की लगभग 50 मीटर की दूरी उन्होंने पैदल तय की। मुख्यमंत्री का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील से प्रेरित बताया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ के रूप में मनाया। इस दौरान उन्होंने सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया और पैदल चलकर मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे। मुख्यमंत्री की इस पहल की चर्चा पूरे सचिवालय परिसर में होती रही। उनके इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की दिशा में प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
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सचिवालय में दिखा ‘नो व्हीकल डे’ का असर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल का असर सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी देखने को मिला। कई अधिकारी और कर्मचारी निजी वाहनों की जगह साइकिल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पैदल दफ्तर पहुंचे। सचिवालय परिसर के आसपास आम दिनों की तुलना में सरकारी वाहनों की संख्या काफी कम दिखाई दी।कुछ अधिकारी खुद वाहन चलाकर पहुंचे, जबकि कई कर्मचारी बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का इस्तेमाल करते नजर आए। सरकारी दफ्तरों में इस तरह का माहौल लंबे समय बाद देखने को मिला, जहां ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता साफ नजर आई।
कारकेड भी हुआ छोटा, पहले थीं 19 गाड़ियां
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल के दिनों में सरकारी वाहनों के उपयोग को सीमित करने के संकेत पहले ही दे दिए थे। गुरुवार को पटना से दरभंगा जाने के दौरान वे केवल 3 गाड़ियों के काफिले के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे। इससे पहले उनके कारकेड में करीब 19 वाहन शामिल रहते थे।दरभंगा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि निजी और सरकारी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को भी अपने वाहनों की संख्या कम करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने का सुझाव भी दिया था।
मंत्रियों और नेताओं ने भी शुरू की पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत अभियान का असर अब बिहार सरकार के अन्य मंत्रियों और नेताओं पर भी दिखाई देने लगा है। बिहार सरकार के खान-भूतत्व एवं कला-संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार गुरुवार को गया की यात्रा ट्रेन से करते नजर आए।वहीं केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय के बिहार दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। जानकारी के मुताबिक उनकी सुरक्षा में केवल एक सीआरपीएफ और एक बिहार पुलिस की गाड़ी शामिल होगी। इसे लेकर उनके कार्यालय की ओर से बिहार सरकार को आधिकारिक पत्र भी भेजा गया है।राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस पहल को सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि इस तरह के प्रयास लगातार जारी रहे तो इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।











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