शंभूगंज/बांका/अंग भारत। प्रखंड क्षेत्र की पड़रिया पंचायत स्थित कुन्नथ गांव में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को वार्ड संख्या 04 के महादलित टोला में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए और विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना के तहत चल रही नल-जल योजना का लाभ आज तक गांव के कई परिवारों को नहीं मिल पाया है। भीषण गर्मी में लोग शुद्ध पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
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महादलित टोला में नहीं पहुंच रहा पानी
ग्रामीणों का कहना है कि योजना के दूसरे चरण में भी दर्जनों घरों तक नल-जल का कनेक्शन नहीं पहुंचा। कई परिवार आज भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जलमीनार और पाइपलाइन की व्यवस्था तो की गई, लेकिन तकनीकी खामियों और विभागीय लापरवाही के कारण पानी की आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो रही है।ग्रामीण सिकंदर दास, राजू दास, भगवान दास, रामस्वरूप दास, बजरंगी ठाकुर, मिथुन ठाकुर, शिवनंदन ठाकुर, सुबोध सिंह, धीरज सिंह, नीरज सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि सरकार की नल-जल योजना लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण महादलित टोला के लोग आज भी इस सुविधा से दूर हैं।
गलत जगह बना जलमीनार
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय कर्मियों और संवेदक ने गांव के सबसे निचले हिस्से में बोरिंग और जलमीनार का निर्माण कर दिया, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। खासकर ठाकुर टोला और आसपास के कई घरों में पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह ठप है।ग्रामीणों का कहना है कि कई जगहों पर पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही। इसके कारण लोगों को चापाकल और दूसरे स्रोतों से दूषित पानी पीना पड़ रहा है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
एक साल से सिर्फ आश्वासन
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक वर्ष से वे लगातार विभागीय अधिकारियों से समस्या समाधान की मांग कर रहे हैं। हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारी महादलित बस्ती का निरीक्षण करने तक नहीं आते।वार्ड सदस्य निहार रंजन ने भी माना कि गांव के कई घरों तक अब तक कनेक्शन नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन की खराबी और तकनीकी दिक्कतों के कारण पेयजलापूर्ति प्रभावित हो रही है। विभाग को कई बार इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
आंदोलन की चेतावनी
भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने जल्द समाधान की मांग की है। आक्रोशित लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे प्रखंड मुख्यालय का घेराव करेंगे।वहीं पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता सुबोध कुमार ने कहा कि विभाग समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है और जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।










