रांची,अंग भारत। झारखंड के मौसम में आए ताज़ा बदलाव ने राज्य के निवासियों को भीषण लू और उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में छाए घने बादलों और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रभाव से अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यह बदलाव न केवल तापमान कम करने में सहायक रहा है, बल्कि लू की मार झेल रहे लोगों के लिए एक सुखद अहसास की तरह है। हालांकि, मौसम विभाग ने इस राहत के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के प्रति भी सावधान रहने का निर्देश दिया है।
तापमान में दर्ज गिरावट
झारखंड के प्रमुख शहरों के तापमान आंकड़ों पर गौर करें तो राहत स्पष्ट दिखाई देती है। चिलचिलाती धूप से जूझ रहे पलामू में पारा 45 डिग्री से फिसलकर 43 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, वहीं जमशेदपुर में भी तापमान 39 डिग्री से घटकर 36 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर पहुंचा है। राजधानी रांची की स्थिति में भी सुधार हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री से गिरकर 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
- पलामू: 45°C से 43°C
- जमशेदपुर: 39°C से 36°C
- रांची: 39°C से 37°C
20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा को छोड़कर राज्य के अन्य 20 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस दौरान खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि आकाशीय बिजली की घटनाओं से बचा जा सके।
बरसात का हाल
पिछले 24 घंटों में पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई है, जिससे मैदानी इलाकों की मिट्टी को नमी मिली है। मंझारी में 49.3 मिमी बारिश ने गर्मी के असर को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
आंकड़ों के अनुसार, चाईबासा में 23.8 मिमी और तांतनगर में 20.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो फसलों और भूजल स्तर के लिए सकारात्मक संकेत है।
गर्मी का मिला-जुला प्रभाव
मौसम में नरमी के बावजूद, दिन के कुछ समय में तेज धूप भी अपना असर दिखा रही है। डाल्टनगंज जैसे इलाकों में अभी भी पारा 43.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि खूंटी का न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस तक गिरकर ठंडी रातों का अहसास करा रहा है। दिन में धूप और शाम को बादलों की लुकाछिपी ने मौसम को अस्थिर बना रखा है।
सावधानी और सुरक्षा उपाय
मौसम विशेषज्ञों का सुझाव है कि अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के निवासियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जब बादल गरज रहे हों या बिजली कड़क रही हो, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- पेड़ के नीचे या कच्चे मकानों में शरण न लें।
- बिजली के खंभों और धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
- तेज आंधी के दौरान बाहर निकलने से बचें और पक्के मकानों के अंदर रहें।
- मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखें।
झारखंड में यह मौसमी परिवर्तन मॉनसून के आगमन की आहट है या केवल प्री-मॉनसून गतिविधियों का परिणाम, यह आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा। तब तक, लोगों को गर्मी से मिली इस राहत के बीच प्राकृतिक खतरों के प्रति जागरूक रहना होगा। सुरक्षित रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं का पालन करें।








