बेलफास्ट,अंग भारत| आयरलैंड ने शुक्रवार को पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में 34 रन से भारत को हराकर क्रिकेट इतिहास बना दिया। यह किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम के खिलाफ आयरलैंड की पहली जीत है और टी20 में भी भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का डेब्यू हार में बदल गया। आयरिश बल्लेबाजी और डेब्यू हो रहे गेंदबाजों की संयमित रणनीति ने मैच का रुख भारत के विपरीत कर दिया।
आयरलैंड ने भारत को हराकर टी20 में इतिहास रचा, बेलफास्ट संकट
पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड ने लोर्कन टकर (50) और गैरेथ डेलानी (49) की ठोस पारियों की बदौलत 20 ओवर में 9 विकेट पर 182 रन बनाए। टकर और डेलानी ने बीच के ओवरों में जिम्मेदारी ली और अंतिम ओवरों में तेज़ रन बनाकर स्कोर को मजबूती दी। भारत की ओर से हर्षित राणा ने 3/24 के साथ सर्वाधिक सफलता पाई, जबकि अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लिए।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी की शुरुआत हार में, क्या बदलाव जरूरी?
183 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय पारी में अभिषेक शर्मा ने 19 गेंदों में आक्रामक अर्धशतक जड़ कर शानदार शुरुआत दी। पर दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते गए — संजू सैमसन, ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा और वॉशिंगटन सुंदर जल्दी आउट हुए। शिवम दुबे ने 25 रन बनाकर कुछ संभाला, पर मध्य ओवरों में आयरिश गेंदबाजों ने दबाव बढ़ा दिया और भारत की टीम 18.3 ओवर में 148 रन पर ऑलआउट हो गई। यह हार खासकर कप्तानी की शुरुआत के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाली रही।
टकर-डेलानी की साझेदारी ने भारतीय रक्षा को चुनौती दी
आयरलैंड की जीत के नायक उनके पदार्पण कर रहे गेंदबाज रहे। मैथ्यू हॉलार्ड ने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में 3 विकेट झटके (3/28), जबकि मैथ्यू हम्फ्रीज़ ने चोट के बावजूद 3/38 लेकर महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। जई मूंद्रा ने भी 2 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाज़ी को झकझोर दिया। इनमें से हॉलार्ड और हम्फ्रीज़ के प्रदर्शन ने भारत की लक्ष्यपूर्ति को असंभव बना दिया। मुकाबले की शुरुआत में भारत ने आयरलैंड को 36/3 पर पहुंचा दिया था, पर टकर और डेलानी ने साझेदारी निभाकर खेल पर नियंत्रण कर लिया। डेलानी और जॉर्ज डॉकरेल ने अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए स्कोर 182 तक पहुँचाया, जो अंततः निर्णायक साबित हुआ।मैच का नतीजा आयरलैंड के लिए ऐतिहासिक — किसी भी प्रारूप में पहली बार भारत को हराना — जबकि भारत को अब शृंखला में वापसी के लिए अगले मुकाबले में रणनीति और प्रदर्शन दोनों सुधारने होंगे। श्रृंखला अभी जारी है और भारतीय टीम के पास त्रुटियों सुधारने का मौका होगा।











