पटना,अंग भारत। बिहार सरकार ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए विभिन्न विभागों के 427 अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया। तबादलों की सूची जारी होते ही राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के कारण तकनीकी समस्या आ गई और वेबसाइट कुछ समय के लिए हैंग हो गई।सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, सहकारिता, स्वास्थ्य, भवन निर्माण, श्रम एवं संसाधन सहित कई विभागों में बड़े पैमाने पर अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इस फैसले को राज्य के सबसे बड़े प्रशासनिक फेरबदल में से एक माना जा रहा है।
इन विभागों में सबसे ज्यादा हुए तबादले
जारी सूची के मुताबिक समाज कल्याण विभाग में सबसे अधिक 151 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) का तबादला किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग में 68 प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को नई जिम्मेदारी दी गई है।इसके अलावा सहकारिता विभाग के 58 अधिकारियों, भवन निर्माण विभाग के 30 अभियंताओं, स्वास्थ्य विभाग के तीन डॉक्टरों और श्रम एवं संसाधन विभाग के 117 पदाधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया है। वहीं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दो चरणों में 150 से अधिक अंचलाधिकारियों (सीओ) का तबादला पहले ही किया जा चुका है।
जून में तबादलों की परंपरा रही कायम
बिहार में विभागीय स्तर पर जून महीने में तबादलों की प्रक्रिया लंबे समय से प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में इसके लिए एक निश्चित प्रणाली लागू की गई थी, जिसका पालन इस वर्ष भी किया गया है।वर्तमान सरकार में भी जून महीने के दौरान विभागवार तबादलों की प्रक्रिया पूरी की गई। यही वजह है कि राज्य के प्रशासनिक गलियारों में जून को तबादलों का महीना माना जाता है।
पहले सप्ताह में भी जारी हो सकती हैं नई सूचनाएं
प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कई बार जुलाई के पहले सप्ताह में भी बैक डेट से तबादले की अधिसूचनाएं जारी की जाती रही हैं। जिन विभागों में 30 जून तक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती, वहां अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाता है।हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़े पैमाने पर हुए प्रशासनिक फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य विभागों में भी तबादलों की सूची जारी हो सकती है।











