मुजफ्फराबाद,अंग भारत। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान की संघीय सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। इस बीच प्रशासन ने प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के प्रमुख शौकत नवाज मीर को उनके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी धीरकोट के संगर फत्तारे इलाके से की गई। इसके अलावा संगठन से जुड़े 600 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
रावलकोट में हजारों लोगों का प्रदर्शन, पाकिस्तान के खिलाफ लगे नारे
द बलोचिस्तान पोस्ट और द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह मैदान में हजारों लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर, पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। आंदोलन के दौरान पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने पहले ही शौकत नवाज मीर और संगठन के अन्य नेताओं की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने पर एक करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की थी। इसके बाद 30 जून को शौकत नवाज मीर को गिरफ्तार कर लिया गया।
देशद्रोह और हिंसा भड़काने के आरोप में हुई कार्रवाई
मुजफ्फराबाद के उपायुक्त मुनीर कुरैशी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि शौकत नवाज मीर को मुजफ्फराबाद और बाग के सीमावर्ती क्षेत्र से पकड़ा गया। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रियाज मुगल ने कहा कि शौकत कई मामलों में वांछित था और उसे धीरकोट इलाके से गिरफ्तार किया गया।प्रशासन के मुताबिक, शौकत नवाज मीर पर देशद्रोह और हाल ही में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप हैं। इन प्रदर्शनों में कम से कम चार सुरक्षाकर्मियों और तीन नागरिकों की मौत हुई थी। इसी कारण पीओके सरकार ने इस महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी पर प्रतिबंध लगा दिया था।
आरक्षित सीटों को लेकर भड़का विवाद
जेएएसी लंबे समय से विधानसभा की उन 12 आरक्षित सीटों को खत्म करने की मांग कर रही है, जो भारत के जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान पहुंचे शरणार्थियों के लिए निर्धारित की गई थीं। हालांकि, पीओके के उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में स्पष्ट किया कि ये सीटें संवैधानिक प्रावधानों के तहत आरक्षित हैं और बिना संवैधानिक संशोधन के इन्हें समाप्त नहीं किया जा सकता।अगले महीने प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा पीओके की राजनीति का सबसे बड़ा विवाद बन गया है। संगठन का आरोप है कि सरकार राजनीतिक विरोध को दबाने के लिए कार्रवाई कर रही है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहा है।
सरकार ने कई नेताओं पर रखा इनाम
पाकिस्तान सरकार ने शौकत नवाज मीर के अलावा उमर नजीर कश्मीरी, ख्वाजा मेहरान अरशद और सरदार अमन खान की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना पर भी एक-एक करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है। इन सभी नेताओं के खिलाफ देशद्रोह, नफरत फैलाने, शांति भंग करने, सरकारी कार्यों में बाधा डालने और अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं।वहीं, अवामी एक्शन कमेटी और उसके समर्थकों ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए सरकार की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है।










