पटना,अंग भारत। पटना मेट्रो परियोजना ने अपनी प्रगति की गति को तेज करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जहां उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का आधिकारिक उद्घाटन किया। इस विस्तार के साथ ही मेट्रो सेवा अब भूतनाथ रोड स्टेशन तक पहुँच गई है। यह कदम राजधानी के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आया है, क्योंकि अब उन्हें घंटों ट्रैफिक में फंसने के बजाय मात्र चंद मिनटों में अपनी मंजिल तक पहुँचने का मौका मिलेगा। उद्घाटन के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने खुद मेट्रो की सवारी का आनंद लिया, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के प्रति कितनी गंभीर है।
तीन किलोमीटर का विस्तार
मलाही पकड़ी से भूतनाथ रोड तक की लगभग तीन किलोमीटर की नई लाइन अब आम जनता के लिए पूरी तरह खुल चुकी है। स्थानीय निवासी, जो महीनों से इस सेवा के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, अब कंकड़बाग जैसे घनी आबादी वाले इलाकों से सीधे जुड़ पाएंगे। इस रूट पर मेट्रो सेवा शुरू होने से सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। यह विस्तार न केवल यात्रा को सरल बनाएगा, बल्कि कंकड़बाग, भूतनाथ रोड और आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले हजारों छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए समय की एक बड़ी बचत साबित होगा।
अब चार स्टेशन सक्रिय
इस नए कॉरिडोर के जुड़ने के साथ, पटना मेट्रो का एक हिस्सा अब पूरी तरह क्रियाशील हो गया है। अब यात्री एक साथ चार स्टेशनों का लाभ ले सकते हैं:
- मलाही पकड़ी
- भूतनाथ रोड
- जीरो माइल
- बैरिया आईएसबीटी
ये चारों स्टेशन शहर के आवासीय और व्यावसायिक हब को जोड़ने का काम कर रहे हैं। अब आप मलाही पकड़ी से सीधे बैरिया आईएसबीटी तक मेट्रो के जरिए बिना किसी बाधा के जा सकते हैं।
समय और यात्रा अवधि
पटना मेट्रो के इस रूट की सबसे बड़ी खूबी इसकी रफ्तार है। आंकड़ों के मुताबिक, 6.2 किलोमीटर की दूरी को तय करने में मेट्रो सिर्फ 16 मिनट ले रही है। यह उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो रोजाना इन इलाकों में ट्रैफिक जाम से जूझते थे।
| विवरण | समय/विवरण |
|---|---|
| कुल दूरी | 6.2 किलोमीटर |
| यात्रा समय | 16 मिनट |
| संचालन का समय | सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक |
| ट्रेन की आवृत्ति | हर 35 मिनट पर एक ट्रेन |
किराया और सुविधा
किराये की बात करें, तो प्रशासन ने इसे काफी किफायती रखा है। मलाही पकड़ी से बैरिया आईएसबीटी तक का अधिकतम किराया महज 30 रुपये तय किया गया है। यह राशि अन्य निजी परिवहन माध्यमों की तुलना में काफी कम है और मध्यम वर्ग की जेब पर भारी नहीं पड़ेगी। वर्तमान में इस कॉरिडोर पर एक ही ट्रेन का संचालन किया जा रहा है, लेकिन यात्रियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ ट्रेनों की संख्या और उनकी आवृत्ति (frequency) में सुधार करने की पूरी तैयारी है।
यातायात पर प्रभाव
पटना जैसे बढ़ते शहर में मेट्रो का आना एक आधुनिक युग की शुरुआत है। शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में मेट्रो की पहुंच होने से न केवल समय बचेगा, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी। सुरक्षा और संचालन को लेकर मेट्रो प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। हर स्टेशन पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और आधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर यात्रियों को एक अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान कर रहे हैं। अब देखना यह है कि आने वाले समय में पटना का यह मेट्रो नेटवर्क शहर के अन्य हिस्सों को कितनी तेजी से आपस में जोड़ता है।








