पटना, अंग भारत। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार ने आखिरकार पटना के चर्चित 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को आधिकारिक रूप से खाली कर दिया है। गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव अपने सामान के साथ कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में शिफ्ट हो गए, जबकि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले ही 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में रहने लगे हैं। इस स्थानांतरण के साथ ही पटना की राजनीति के एक दशकों पुराने अध्याय का औपचारिक अंत हो गया है, क्योंकि 10 सर्कुलर रोड लंबे समय तक बिहार की सत्ता और विपक्षी रणनीति का मुख्य केंद्र बना रहा था।
आवास खाली करने की समय-सीमा
राबड़ी देवी को आवंटित इस बंगले को लेकर प्रशासन काफी सख्त था। सरकार की ओर से तय की गई डेडलाइन सोमवार को ही खत्म हो गई थी। इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने उन्हें सात दिनों के भीतर बंगला खाली करने का कड़ा नोटिस थमा दिया था। हालांकि, राबड़ी देवी के कार्यालय की ओर से पांच जुलाई तक की मोहलत मांगी गई थी ताकि शिफ्टिंग का काम सुचारू रूप से हो सके। यह पूरा घटनाक्रम प्रशासनिक दबाव और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
चार्ज रजिस्टर पर विवाद
आवास खाली करने से पहले एक दिलचस्प कानूनी पेंच सामने आया था। राबड़ी देवी के आप्त सचिव ने भवन निर्माण विभाग को एक पत्र लिखकर ‘चार्ज रजिस्टर’ की मांग की थी। इसके पीछे के प्रमुख कारण कुछ इस प्रकार थे:
- सामान का मिलान: 2006 में जब यह आवास आवंटित हुआ था, तब जो सामान सूची (इन्वेंट्री) तैयार की गई थी, उसका मिलान करना अनिवार्य था।
- भ्रम की स्थिति: बिना आधिकारिक रजिस्टर के किसी भी गलत आरोप या सामान कम होने की शिकायत से बचने के लिए यह जरूरी था।
- पारदर्शी प्रक्रिया: विभाग की ओर से रजिस्टर उपलब्ध न कराने के कारण, परिवार ने स्पष्ट किया था कि वे अपनी ओर से कोई भी कोताही नहीं छोड़ना चाहते।
तेजस्वी यादव का नया पता
तेजस्वी यादव ने अपनी ओर से शिफ्टिंग की प्रक्रिया काफी पहले ही शुरू कर दी थी। वे सोमवार को ही अपना पुराना सरकारी आवास पूरी तरह खाली कर चुके थे। अब उनका आधिकारिक ठिकाना 1 पोलो रोड है। इस बदलाव से राजनीतिक गलियारों में यह संदेश गया है कि तेजस्वी अब अपने नए आवास से ही पार्टी की भविष्य की रणनीति तैयार करेंगे। पूरे परिवार के शिफ्ट होने के साथ ही यह सुनिश्चित हो गया कि लालू परिवार अब पूरी तरह से नए पतों पर सक्रिय हो गया है।
नंदकिशोर यादव को आवंटन
10 सर्कुलर रोड का भविष्य अब पूरी तरह बदल चुका है। बिहार सरकार ने इस बंगले को पहले ही मंत्री नंदकिशोर यादव को आवंटित कर दिया है। तकनीकी तौर पर राबड़ी देवी के यहां रहने के कारण उन्हें कब्जा नहीं मिल पा रहा था। अब स्थितियां सामान्य होने के बाद भवन निर्माण विभाग की अगली कार्रवाई इस प्रकार होगी:
| चरण | प्रक्रिया |
|---|---|
| 1 | भवन का भौतिक निरीक्षण (Inspection) |
| 2 | चार्ज रजिस्टर के अनुसार सामान की जांच |
| 3 | नंदकिशोर यादव को बंगले की चाबियाँ सौंपना |
राजनीतिक महत्व का अंत
10 सर्कुलर रोड केवल एक सरकारी बंगला नहीं था, बल्कि यह लालू-राबड़ी युग की पहचान रहा है। चाहे वह महागठबंधन का दौर हो या लालू प्रसाद यादव की सक्रिय राजनीति के शुरुआती वर्ष, इस बंगले ने बिहार की राजनीति के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। अब जब यह आवास एक नए मंत्री के पास जा रहा है, तो निश्चित रूप से यहां का सियासी मिजाज और चहल-पहल पूरी तरह बदल जाएगी। यह बदलाव केवल पते का नहीं, बल्कि बिहार की बदली हुई सियासी हकीकत का भी प्रमाण है।








