नेपाल ऑयल निगम ने पेट्रोलियम उत्पादों की नई कीमतें जारी कीं
काठमांडू,अंग भारत। नेपाल में आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए नेपाल ऑयल निगम ने पेट्रोलियम पदार्थों की खुदरा कीमतों में उल्लेखनीय कटौती की है। निगम की ओर से जारी नई दरें बुधवार देर रात 12 बजे से प्रभावी हो गई हैं। नई कीमतों के तहत पेट्रोल, डीजल, मिट्टी तेल, रसोई गैस और हवाई ईंधन सभी के दाम घटाए गए हैं।कीमतों में इस कमी से आम लोगों के साथ-साथ परिवहन और अन्य क्षेत्रों को भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पेट्रोल 20 और डीजल 30 रुपये प्रति लीटर हुआ सस्ता
नेपाल ऑयल निगम के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 20 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। वहीं डीजल और मिट्टी तेल के दाम 30 रुपये प्रति लीटर कम किए गए हैं।नई दरों के लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को पेट्रोल 197 रुपये प्रति लीटर और डीजल तथा मिट्टी तेल 195 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध होगा।
रसोई गैस और हवाई ईंधन की कीमतों में भी राहत
ईंधन के अलावा घरेलू उपयोग की एलपीजी गैस के दाम भी कम किए गए हैं। 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 100 रुपये की कटौती की गई है। नई दरों के अनुसार यह सिलेंडर अब 2,060 रुपये में मिलेगा, जबकि 7.1 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 1,030 रुपये तय की गई है।घरेलू हवाई ईंधन की कीमत में 40 रुपये की कमी की गई है। वहीं अंतरराष्ट्रीय हवाई ईंधन के लिए काठमांडू में प्रति किलोलीटर 265 अमेरिकी डॉलर की कटौती की गई है।
पोखरा और भैरहवा में नहीं बदली अंतरराष्ट्रीय हवाई ईंधन की दर
नेपाल ऑयल निगम ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई ईंधन के लिए पोखरा और भैरहवा में बिक्री मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन दोनों शहरों में ईंधन की कीमत ब्रेक-ईवन पॉइंट पर ही बरकरार रखी गई है।निगम का कहना है कि विभिन्न क्षेत्रों की लागत और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत, परिवहन लागत पर भी पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में इस कटौती से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। परिवहन लागत कम होने से अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और ढुलाई पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।नेपाल ऑयल निगम समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और आयात लागत की समीक्षा के आधार पर घरेलू ईंधन दरों में संशोधन करता है। ताजा कटौती भी इसी प्रक्रिया के तहत की गई है।










