वैंकूवर,अंग भारत। फीफा विश्व कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने अपना विजय रथ जारी रखते हुए अल्जीरिया को 2-0 से धूल चटा दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही स्विस टीम ने न केवल अंतिम-16 में अपनी जगह पक्की कर ली है, बल्कि खिताब की दौड़ में खुद को एक प्रबल दावेदार के रूप में स्थापित कर दिया है। राउंड ऑफ 32 के इस मुकाबले में स्विस खिलाड़ियों का तालमेल, उनकी आक्रामक सोच और अनुशासित रक्षापंक्ति देखने लायक थी। अल्जीरिया ने वापसी की हर संभव कोशिश की, लेकिन स्विट्जरलैंड की दीवार को भेदना उनके लिए नामुमकिन साबित हुआ। अब हर किसी की निगाहें अगले नॉकआउट मैच पर टिकी हैं, जहाँ स्विस टीम का सामना कोलंबिया या घाना में से किसी एक से होगा।
आक्रामक शुरुआत और बढ़त
मैच शुरू होते ही स्विट्जरलैंड ने अपने इरादे साफ कर दिए। वे संभलकर खेलने के बजाय विपक्षी टीम पर हावी होने की रणनीति के साथ उतरे थे। मिडफील्ड में गेंद को अपने कब्जे में रखने की उनकी कुशलता अल्जीरिया के लिए भारी पड़ रही थी।
- मैच के 10वें मिनट में जोहान मंजांबी की गजब की फुर्ती दिखी।
- बाएं फ्लैंक से उन्होंने एक सटीक ‘लो क्रॉस’ सीधे गोल की ओर भेजा।
- ब्रील एम्बोलो ने मौके का फायदा उठाते हुए बिना किसी गलती के गेंद को नेट में उलझा दिया।
इस शुरुआती गोल ने अल्जीरियाई टीम के आत्मविश्वास को हिला कर रख दिया और पूरे पहले हाफ में स्विस टीम का दबदबा बना रहा।
मंजांबी का शानदार फॉर्म
इस पूरे विश्व कप में 20 वर्षीय जोहान मंजांबी एक ‘गेम चेंजर’ के रूप में उभरकर सामने आए हैं। उनकी गति और ड्रिबलिंग इतनी तेज है कि विरोधी डिफेंडर अक्सर उन्हें फाउल करने पर मजबूर हो जाते हैं। अल्जीरिया के खिलाफ दिया गया असिस्ट उनके टूर्नामेंट का दूसरा असिस्ट था। उनके आंकड़ों पर नजर डालें, तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है:
| मैच का विवरण | उपलब्धि |
|---|---|
| कुल मैच | 4 |
| कुल गोल | 3 |
| कुल असिस्ट | 2 |
मंजांबी की यह निरंतरता स्विट्जरलैंड के लिए एक बहुत बड़ा हथियार साबित हो रही है।
दूसरे हाफ का प्रहार
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया की बची-खुची उम्मीदों पर पानी फेर दिया। 46वें मिनट में डैन न्डोये को बॉक्स के बाहर मौका मिला। उन्होंने बड़ी चतुराई से अल्जीरियाई गोलकीपर लुका जिदान को छकाते हुए दूसरा गोल दाग दिया। यह गोल रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसने स्विट्जरलैंड को 2-0 की आरामदायक बढ़त दिला दी। इसके बाद अल्जीरिया ने अपनी पूरी ताकत हमले में झोंक दी, लेकिन स्विस रक्षापंक्ति किसी अभेद्य किले की तरह खड़ी रही।
मजबूत रक्षा और अनुशासन
स्विट्जरलैंड की सफलता का राज सिर्फ उनकी फॉरवर्ड लाइन नहीं, बल्कि उनका डिफेंस भी है। उन्होंने पूरे मैच के दौरान मिडफील्ड और डिफेंस के बीच बेहतरीन तालमेल बनाए रखा। जब भी अल्जीरिया ने काउंटर-अटैक करने की कोशिश की, स्विस डिफेंडरों ने गेंद पर कब्जा वापस छीन लिया। विपक्षी टीम के स्ट्राइकर इस पूरे मैच में एक भी साफ मौका बनाने में नाकाम रहे, जो स्विस डिफेंस की ताकत को दर्शाता है।
72 साल का इंतजार
स्विस फुटबॉल का इतिहास अब एक नए मोड़ पर है। 1954 के बाद से टीम क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि 2006, 2014, 2018 और 2022 में वे अंतिम-16 तक जरूर पहुंचे, लेकिन हर बार उनका सफर यहीं थम गया। इस बार माहौल अलग है। टीम का वर्तमान फॉर्म और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बता रहा है कि वे 72 साल का यह सूखा खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
“हमारी टीम इस समय अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर से गुजर रही है। हम किसी भी विपक्षी टीम को हल्के में नहीं ले रहे हैं, लेकिन हमारी जीत की भूख और संयम ही हमारा सबसे बड़ा बल है,” टीम प्रबंधन से जुड़े एक सूत्र ने संकेत दिया।
अगला पड़ाव कौन?
अब स्विस टीम उस विजेता का इंतजार कर रही है जो कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले भिड़ंत में निकलेगा। यदि स्विट्जरलैंड अपनी इसी लय को बरकरार रखती है, तो निश्चित रूप से वे न केवल क्वार्टर फाइनल बल्कि सेमीफाइनल तक का सफर भी तय कर सकते हैं। फुटबॉल पंडितों का मानना है कि इस विश्व कप में स्विट्जरलैंड की ‘डार्क हॉर्स’ (अपेक्षित से बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम) वाली छवि अब हकीकत में बदल रही है। प्रशंसकों के लिए यह रोमांचक समय है, क्योंकि उनकी टीम एक बार फिर विश्व फुटबॉल के बड़े मंच पर इतिहास रचने के बिल्कुल करीब खड़ी है।








