नई दिल्ली,अंग भारत। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 31 दिसंबर 2018 की नव वर्ष पूर्व संध्या पर हुए हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के भाजपा विधायक राजू सिंह की सजा की अवधि पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस घटना में एक महिला की मौत हो गई थी।स्पेशल जज विशाल गोगने ने सुनवाई के दौरान कहा कि सभी पक्षों की दलीलों और प्रोबेशन रिपोर्ट के आधार पर सजा तय की जाएगी। अदालत अब इस मामले में 4 जुलाई को अंतिम आदेश सुनाएगी।
दोषी करार दिए जा चुके हैं विधायक राजू सिंह
गौरतलब है कि अदालत ने 6 जून को राजू सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग दो) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी ठहराया था।हालांकि इस मामले में उनकी पत्नी रेणु सिंह, राणा राजेश सिंह और रमेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था।
प्रोबेशन रिपोर्ट में सामने आई अहम जानकारी
सुनवाई के दौरान प्रोबेशन अधिकारी ने अदालत को बताया कि राजू सिंह के खिलाफ बिहार में हत्या का एक अन्य मामला भी लंबित है, जिसमें वह वर्तमान में जमानत पर हैं।यह जानकारी अदालत के लिए सजा तय करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बचाव पक्ष ने मांगी कम सजा
राजू सिंह के वकील ने अदालत से अपील की कि उन्हें कम से कम सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि आरोपी पहले किसी अन्य मामले में दोषी नहीं ठहराए गए हैं।वकील ने यह भी बताया कि राजू सिंह छह बार विधायक चुने जा चुके हैं और इस केस में वह लगभग दो महीने जेल में भी रह चुके हैं।
कैसे हुई थी घटना?
यह मामला 31 दिसंबर 2018 की नव वर्ष पार्टी का है, जो अंबेडकर कॉलोनी मंडी गांव स्थित रोज फार्म में आयोजित की गई थी।शिकायतकर्ता विकास गुप्ता के अनुसार, उनकी पत्नी अर्चना गुप्ता कार्यक्रम में मौजूद थीं और इसी दौरान हर्ष फायरिंग हो रही थी।कुछ ही मिनटों बाद वह जमीन पर गिर गईं और उनके चेहरे से खून निकल रहा था। उन्हें तुरंत फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच और कोर्ट प्रक्रिया
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 28 सितंबर 2019 को चार्जशीट दाखिल की थी।इसके बाद 30 अक्टूबर 2023 को अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया और आगे की सुनवाई शुरू हुई।
अब सबकी नजर 4 जुलाई के फैसले पर
अब पूरे मामले में अंतिम निर्णय 4 जुलाई को आएगा, जिसमें यह तय होगा कि दोषी विधायक राजू सिंह को कितनी सजा सुनाई जाएगी।











