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पूर्णिया सेवा शिविर की तैयारियां तेज, कांवरियों की सेवा के लिए जिम्मेदारियां तय

श्रावणी मेला में कांवरियों की सेवा के लिए पूर्णिया सेवा शिविर की बैठक और सेवा कार्यों की तैयारी करते कार्यकर्ता

पूर्णिया,अंग भारत। श्रावणी मेले के दौरान कांवरिया श्रद्धालुओं की निःस्वार्थ सेवा के लिए पूर्णिया सेवा शिविर ने कमर कस ली है। हाल ही में गुलाबबाग स्थित पाट व्यवसायी भवन में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में आगामी सेवा कार्यों की संपूर्ण रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इस बार शिविर के अध्यक्ष शंकर कुशवाहा के नेतृत्व में सदस्यों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि कांवरियों को ठहरने, चिकित्सा और भोजन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यह शिविर 2013 से अनवरत जारी अपनी सेवा परंपरा को इस साल और अधिक विस्तारित करने की योजना पर काम कर रहा है।

तैयारियों की नई रूपरेखा

बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेले के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित और सुगम वातावरण सुनिश्चित करना था। इस वर्ष की व्यवस्था को लेकर कुछ प्रमुख निर्णय लिए गए हैं:

  • विभागीय बंटवारा: भोजन, जल, चिकित्सा और स्वच्छता के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।
  • सुविधाओं का विस्तार: पिछले वर्षों की तुलना में इस बार चिकित्सा और विश्राम स्थल की क्षमता बढ़ाई गई है।
  • समयबद्ध कार्य: सभी बुनियादी ढांचे का निर्माण मेला शुरू होने से काफी पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सेवा ही परम धर्म

बैठक में सेवा शिविर परिवार के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए। सभी का एकमत होकर यह कहना था कि कांवरिया सेवा महज एक सामाजिक कार्य नहीं है, बल्कि यह आस्था और समर्पण का एक भावनात्मक संगम है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि शिविर का उद्देश्य केवल शारीरिक सेवा देना नहीं, बल्कि कांवरियों को वह सांत्वना और अपनापन देना है जो लंबी पदयात्रा के दौरान उन्हें थकान से दूर रखता है। सदस्यों ने इस वर्ष और अधिक ऊर्जा के साथ सेवा में जुटने का संकल्प दोहराया है।

2013 से निरंतर सफर

पूर्णिया सेवा शिविर का इतिहास समर्पण की एक लंबी कहानी है। 2013 में शुरू हुआ यह छोटा सा प्रयास आज एक विशाल सेवा केंद्र बन चुका है। बांका जिले के तरपतिया-दुल्लीसार स्थित कांवरिया पथ पर यह शिविर एक मील का पत्थर साबित होता है।

पिछले एक दशक से अधिक समय में, इस शिविर ने बिना किसी लाभ के हजारों कांवरियों का स्वागत किया है, जो इसे पूरे मार्ग का एक सबसे भरोसेमंद ठिकाना बनाता है।

उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं

सेवा का प्रकार विवरण
आवास श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और साफ विश्राम स्थल
भोजन-पानी शुद्ध और ताजा भोजन के साथ ही 24 घंटे पेयजल की सुविधा
स्वास्थ्य प्राथमिक चिकित्सा किट और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था
सांस्कृतिक भक्तिमय माहौल बनाने के लिए नियमित भजन-कीर्तन

व्यवस्था पर विशेष फोकस

इस साल शिविर में स्वच्छता और त्वरित सहायता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी इस शिविर की सराहना की जाती रही है क्योंकि यह स्वयंसेवक एक पेशेवर अनुशासन के साथ काम करते हैं। पदाधिकारी शंकर कुशवाहा ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर स्थिति के लिए तैयार रहें।

पूर्णिया सेवा शिविर का यह प्रयास दर्शाता है कि जब समाज का एक वर्ग निस्वार्थ भाव से आगे आता है, तो एक कठिन यात्रा भी सुखद और यादगार बन जाती है। कार्यकर्ताओं का यह जज्बा न केवल कांवरियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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