बैठक में आगामी सेवा शिविर की रूपरेखा पर हुई चर्चा, 2013 से लगातार निःस्वार्थ सेवा का संकल्प दोहराया गया
पूर्णिया,अंग भारत। आगामी श्रावणी मेले को लेकर पाट व्यवसायी भवन, गुलाबबाग में शनिवार को पूर्णिया सेवा शिविर की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिविर के अध्यक्ष शंकर कुशवाहा ने की। इस दौरान आगामी सेवा शिविर के सफल संचालन, व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में शिविर के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां सेवा शिविर परिवार के सदस्यों के बीच बांटी गईं। सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया, ताकि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सदस्यों ने दिए सुझाव, सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म
बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव रखे और सेवा कार्यों को बेहतर बनाने पर विचार-विमर्श किया। वक्ताओं ने कहा कि कांवरिया श्रद्धालुओं की सेवा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, समर्पण और मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। सभी ने इस वर्ष भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कार्य करने का संकल्प लिया।
2013 से लगातार जारी है सेवा का सिलसिला
पूर्णिया सेवा शिविर वर्ष 2013 से लगातार श्रावणी मेले के दौरान कांवरिया श्रद्धालुओं की सेवा में जुटा हुआ है। पिछले एक दशक से अधिक समय में यह शिविर हजारों श्रद्धालुओं के लिए भरोसे और अपनत्व का केंद्र बन चुका है।शिविर के माध्यम से बांका जिले के तरपतिया-दुल्लीसार स्थित कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था, भोजन, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य जरूरी सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
बेहतर व्यवस्थाओं पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में इस बार शिविर की व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और हर व्यवस्था समय से पहले पूरी कर ली जाएगी।इस दौरान पूर्णिया सेवा शिविर के सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में सेवा शिविर परिवार के सदस्य मौजूद रहे।










