ग्राहकों को बुलाकर मारपीट और लूट की वारदात को देते थे अंजाम, पुलिस ने फॉर्च्यूनर कार, मोबाइल और नकदी बरामद की
नोएडा,अंग भारत। नोएडा पुलिस ने ऑनलाइन स्पा की आड़ में लोगों को जाल में फंसाकर लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन युवतियों समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में एक बाल अपचारी भी शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान बरामद किया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपितों ने कई लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाने की बात स्वीकार की है।वहीं पुलिस का कहना है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था। ऑनलाइन स्पा और युवतियां उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से संपर्क किया जाता था। इसके बाद उन्हें तय स्थान पर बुलाकर उनके साथ मारपीट की जाती और नकदी, मोबाइल तथा वाहन लूट लिए जाते थे।
सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई
अपर पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह ने आज जानकारी देते हुए बताया कि थाना सेक्टर-24 पुलिस को गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने शुक्रवार देर रात खरगोश पार्क के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की।इस दौरान पुलिस ने ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव, प्रियंका यादव, काजल उर्फ रिया और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर लिया। सभी से पूछताछ के बाद गिरोह के काम करने के तरीके का खुलासा हुआ।
ऐसे फंसाते थे लोगों को
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित ऑनलाइन स्पा का प्रचार करते थे और सोशल मीडिया व अन्य ऑनलाइन माध्यमों से ग्राहकों से संपर्क करते थे। जब कोई व्यक्ति उनकी बातों में आकर तय स्थान पर पहुंचता था, तो उसे युवतियां दिखाने के बहाने एकांत जगह पर ले जाया जाता था।इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य वहां पहुंच जाते और ग्राहक के साथ मारपीट कर उससे नकदी, मोबाइल, वाहन और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे। विरोध करने पर पीड़ितों को धमकाकर वहां से भगा दिया जाता था।
फॉर्च्यूनर लूटकांड का भी हुआ खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने सेक्टर-54 स्थित पेट्रोल पंप के पास हुई एक बड़ी लूट की वारदात भी कबूल की। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने राजकुमार निषाद नामक व्यक्ति को अपने जाल में फंसाया था और उसके साथ मारपीट कर उसकी फॉर्च्यूनर कार, नकदी और अन्य सामान लूट लिया था।पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर लूटी गई फॉर्च्यूनर कार भी बरामद कर ली है। इसके अलावा मोबाइल फोन और नकदी समेत अन्य सामान भी कब्जे में लिया गया है।
कई वारदातों में शामिल होने की आशंका
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया है कि वे लंबे समय से ऑनलाइन स्पा और युवतियां उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों को फंसाते थे। पुलिस का मानना है कि गिरोह कई अन्य लूट की घटनाओं में भी शामिल हो सकता है।इसी वजह से पुलिस अब आरोपितों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को इस तरीके से निशाना बनाया गया और गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि ऑनलाइन माध्यमों से मिलने वाले ऐसे आकर्षक प्रस्तावों पर बिना पूरी जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।











