किसानों को मिलेगा बेहतर रिटर्न, बफर स्टॉक मजबूत करने के लिए केंद्र का बड़ा फैसला; 4 जुलाई से नई दरें लागू
नई दिल्ली,अंग भारत। केंद्र सरकार ने प्याज किसानों को राहत देते हुए इसके खरीद मूल्य में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। अब सरकार प्याज की खरीद 2,125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करेगी, जबकि पहले यह दर 1,875 रुपये प्रति क्विंटल थी। नई कीमतें 4 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। इस फैसले से किसानों को बेहतर आमदनी मिलने के साथ-साथ देश में प्याज का बफर स्टॉक भी मजबूत होगा।उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शनिवार को इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया। मंत्रालय ने बताया कि यह निर्णय ‘प्राइस स्टेबलाइजेशन बफर’ योजना के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखना और बाजार में स्थिरता बनाए रखना है।
नाफेड और एनसीसीएफ के जरिए हो रही खरीद
सरकार की ओर से प्याज की खरीद भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नाफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) के माध्यम से की जा रही है। इन एजेंसियों के जरिए देश के विभिन्न राज्यों से प्याज की खरीद कर बफर स्टॉक तैयार किया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।मंत्रालय के अनुसार, बढ़ी हुई खरीद कीमत से किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और सरकारी खरीद प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।
उत्पादन लगभग स्थिर, आपूर्ति को लेकर चिंता नहीं
कृषि और किसान कल्याण विभाग के 2025-26 के दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार, देश में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2024-25 के 307.67 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के लगभग बराबर है।सरकार का कहना है कि उत्पादन के ये आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में प्याज की कुल उपलब्धता को लेकर फिलहाल कोई गंभीर चिंता नहीं है। सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव के कारण कीमतों में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन आपूर्ति व्यवस्था स्थिर बनी हुई है।
बफर स्टॉक मजबूत करने पर सरकार का जोर
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार का फोकस प्याज का पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखने पर है, ताकि बाजार में कीमतों में अचानक उछाल की स्थिति को रोका जा सके। वर्तमान में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में प्याज का स्टॉक पर्याप्त स्तर पर मौजूद है।अधिकारियों का कहना है कि बफर स्टॉक व्यवस्था के तहत जरूरत के समय बाजार में प्याज की आपूर्ति कर कीमतों को नियंत्रित किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को भी राहत मिलती है।
किसानों को होगा सीधा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीद कीमत में बढ़ोतरी से देश के प्याज उत्पादक किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। बेहतर समर्थन मूल्य मिलने से उनकी आय में सुधार होगा और खेती के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने और किसानों तथा उपभोक्ताओं दोनों के हितों को साधने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।










