मुंबई,अंग भारत। आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर स्पाई थ्रिलर ‘अल्फा’ ने अपने पहले दिन भारत में 9.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है, जो यशराज फिल्म्स (YRF) के स्पाई यूनिवर्स के इतिहास में अब तक की सबसे कमजोर ओपनिंग है। भारी-भरकम बजट और बड़े बैनर के बावजूद फिल्म दर्शकों को थिएटर्स तक खींचने में संघर्ष करती नजर आई। स्पाई यूनिवर्स की पिछली फिल्मों की बंपर शुरुआत के सामने ‘अल्फा’ का यह आंकड़ा न केवल निराश करने वाला है, बल्कि यह फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सबक भी है कि केवल एक बड़े ब्रांड नाम के भरोसे सफलता नहीं मिलती।
उम्मीदों और आंकड़ों का अंतर
यशराज फिल्म्स का स्पाई यूनिवर्स हमेशा से अपनी धाकड़ ओपनिंग के लिए जाना जाता है। जब ‘अल्फा’ की घोषणा हुई, तो फैंस को उम्मीद थी कि यह भी ‘पठान’ या ‘टाइगर’ की तरह धमाकेदार शुरुआत करेगी। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही रही। फिल्म ने 9.25 करोड़ रुपये से खाता खोला, जो इस फ्रेंचाइजी की बाकी फिल्मों के मुकाबले काफी कम है। फिल्म के प्रति दर्शकों का उत्साह शुरुआत में तो दिखा, लेकिन रिलीज के बाद यह जोश ठंडा पड़ गया।
क्यों नहीं चला जादू?
फिल्म की धीमी रफ्तार के पीछे कई कारण नजर आते हैं। आइए कुछ प्रमुख बिंदुओं पर गौर करते हैं:
- मिश्रित प्रतिक्रियाएं: क्रिटिक्स और दर्शकों से मिली मिली-जुली समीक्षाओं ने फिल्म की रफ्तार को पहले ही दिन ब्रेक लगा दिया।
- कंटेंट का दबाव: स्पाई थ्रिलर जॉनर में अब दर्शकों को पहले से कहीं ज्यादा यूनिक एक्शन और कसी हुई पटकथा की जरूरत है।
- प्रचार बनाम प्रदर्शन: फिल्म का हाइप तो बहुत था, लेकिन थिएटर्स में दर्शकों की कम उपस्थिति ने साफ कर दिया कि मार्केटिंग और ग्राउंड लेवल की एक्साइटमेंट में अंतर था।
स्पाई यूनिवर्स में स्थिति
अगर हम YRF स्पाई यूनिवर्स की अन्य फिल्मों से इसकी तुलना करें, तो ‘अल्फा’ का ग्राफ काफी नीचे दिखता है। नीचे दी गई तालिका से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह फिल्म कहां खड़ी है:
| फिल्म | फ्रेंचाइजी प्रभाव |
|---|---|
| पठान | ऐतिहासिक ओपनिंग |
| टाइगर 3 | शानदार ओपनिंग |
| वॉर | ब्लॉकबस्टर शुरुआत |
| अल्फा | निराशाजनक प्रदर्शन |
स्टारकास्ट और परफॉरमेंस
फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अनिल कपूर और बॉबी देओल ने भी इसमें अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। फिल्म के बजट की बात करें तो यह 100 से 130 करोड़ के बीच बताई जा रही है। हालांकि, फिल्म के एक्शन सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा है। विशेष रूप से ऋतिक रोशन के ‘मेजर कबीर’ वाले कैमियो और बॉबी देओल के विलेन वाले लुक ने फैंस का ध्यान खींचा है। बावजूद इसके, केवल कैमियो के दम पर पूरी फिल्म का बॉक्स ऑफिस संभल नहीं पाया है।
वीकेंड की असली चुनौती
क्या ‘अल्फा’ वापसी कर सकती है? यह सवाल अब ट्रेड पंडितों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म की आगे की यात्रा पूरी तरह से शनिवार और रविवार के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यदि दर्शकों के बीच से ‘पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ’ फैलता है, तो फिल्म के संभलने की संभावना है। लेकिन, अगर दर्शक इसे देखने में दिलचस्पी नहीं दिखाते, तो मंडे टेस्ट फिल्म के लिए और भी मुश्किल हो सकता है। फिल्म का भविष्य अब दर्शकों के ‘पसंद’ और ‘नाराजगी’ के बीच झूल रहा है।
निष्कर्ष
बड़े सितारों का होना या बड़े बैनर की छतरी का होना आज के समय में गारंटी नहीं है। ‘अल्फा’ ने यह साबित किया है कि कहानी में गहराई और मनोरंजन का सही तालमेल न हो, तो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ओपनिंग हासिल करना एक टेढ़ी खीर है। अब देखना यह है कि क्या यह फिल्म अपनी गिरती रफ्तार को थाम पाती है या फिर इसे एक फ्लॉप फिल्म का तमगा मिल जाता है।








