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बाढ़ को लेकर बिहार सरकार अलर्ट, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

बाढ़ तैयारियों की समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, जहां मानसून और बाढ़ नियंत्रण को लेकर बिहार सरकार अलर्ट पर है।

एक सप्ताह में पूरी हों सभी तैयारियां, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

पटना,अंग भारत। बिहार में मानसून के सक्रिय होने और नदियों के जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए गुरुवार को पटना स्थित सिंचाई भवन में जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ से जुड़ी सभी तैयारियां एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि अब राज्य बाढ़ के मौसम में प्रवेश कर चुका है, इसलिए किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कटाव निरोधक कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश

बैठक में उपमुख्यमंत्री ने बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों और कटाव निरोधक योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष की शुरुआत में ही इन कार्यों की स्वीकृति इसलिए दी थी, ताकि मानसून के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। अधिकांश स्थानों पर काम पूरा हो चुका है, लेकिन जहां अभी भी कार्य अधूरे हैं, उन्हें अगले एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी स्थान पर तकनीकी या प्रशासनिक समस्या है तो उसका तुरंत समाधान निकालकर काम पूरा कराया जाए।

तटबंधों पर चौबीसों घंटे रहे नजर

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने अधिकारियों को तटबंधों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के समय तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखना सबसे जरूरी है। किसी भी जगह कटाव, रिसाव या कमजोरी की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए।उन्होंने बताया कि विभाग के सचिव और मुख्यालय के वरिष्ठ अभियंता लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। वहीं क्षेत्रीय स्तर पर भी अभियंताओं की टीमें तटबंधों के अंतिम छोर तक निरीक्षण कर रही हैं और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

रात्रि निरीक्षण होगा अनिवार्य

बैठक में मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि वे सप्ताह में कम-से-कम दो बार रात के समय औचक निरीक्षण करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित अभियंता और श्रमिक निर्धारित स्थानों पर कैंप कर रहे हैं और बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी है।उन्होंने कहा कि संवेदनशील और अतिसंवेदनशील तटबंधों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। वहां पर्याप्त संख्या में श्रमिक मौजूद रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध हों।

जरूरी सामग्री का पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ आने का इंतजार करने के बजाय अभी से सभी आवश्यक सामग्री का भंडारण कर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बालू की बोरियां, पत्थर, बांस, जाल और अन्य जरूरी सामग्री एक सप्ताह के भीतर सभी संवेदनशील स्थानों पर उपलब्ध करा दी जाए।उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान सामग्री की कमी नहीं होनी चाहिए। यदि समय रहते भंडारण कर लिया जाएगा तो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सकेगा।

संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी

विजय चौधरी ने निर्देश दिया कि जिन तटबंधों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, वहां अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था की जाए। रात के समय निगरानी में कोई कमी न रहे, इसके लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंधों तक पहुंचने वाले सभी रास्तों को पहले से दुरुस्त रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री और मशीनें बिना किसी बाधा के मौके तक पहुंच सकें।

मुख्यालय और जिला प्रशासन करेगा सत्यापन

बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक सप्ताह बाद मुख्यालय और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम विभिन्न स्थलों का निरीक्षण करेगी। इस दौरान तैयारियों और सामग्री भंडारण का सत्यापन किया जाएगा।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आंकड़े और प्रगति रिपोर्ट समय पर जिला प्रशासन के साथ साझा करें, ताकि निरीक्षण के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

अच्छा काम करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन

उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बाढ़ जैसी चुनौती से निपटने में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जो अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे और बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से प्रोत्साहित किया जाएगा।वहीं उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है या जानबूझकर कार्य में ढिलाई बरती जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकार की तैयारी पर रहेगी लगातार नजर

राज्य सरकार ने साफ संकेत दिया है कि इस वर्ष संभावित बाढ़ से निपटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरकार का लक्ष्य यही है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी हों और बाढ़ आने की स्थिति में लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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