शाम के वक्त हुआ दर्दनाक हादसा
दिल्ली,अंग भारत| दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक नवनिर्मित चार मंजिला (ग्राउंड प्लस) इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में बदल गई और आसपास अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर को कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जिंदा बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद पुलिस, एनडीआरएफ, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कुछ ही सेकंड में ढह गई पूरी इमारत
जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम करीब 4:28 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि रोहिणी सेक्टर-16 के जी-4 पॉकेट स्थित मकान नंबर 151-152 में बनी नई चार मंजिला इमारत अचानक गिर गई है। सूचना मिलते ही केएन कटजू मार्ग थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि पूरी इमारत जमींदोज हो चुकी थी और उसका मलबा सड़क तक फैल गया था।स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय इमारत के अंदर निर्माण कार्य से जुड़े कुछ लोग मौजूद थे। इमारत गिरते ही लोग मलबे में दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व अन्य एजेंसियों को सूचना दी।
घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ, दिल्ली दमकल सेवा, बिजली विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। बचाव अभियान कई घंटों तक लगातार चलता रहा।रेस्क्यू के दौरान सबसे पहले 34 वर्षीय मजदूर सद्दाम को जिंदा बाहर निकाला गया। उसे गंभीर हालत में तुरंत डॉ. बी.आर. आंबेडकर अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तीन लोगों की नहीं बच सकी जान
मलबा हटाने के दौरान तीन लोगों के शव भी बरामद किए गए। मृतकों की पहचान 42 वर्षीय राम, 20 वर्षीय नूरुल हुदा उर्फ कफे और 51 वर्षीय राम दुआ के रूप में हुई है।राम इलाके के रहने वाले थे और दर्जी का काम करते थे। नूरुल हुदा उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का निवासी था और निर्माण कार्य में मजदूरी करता था। वहीं राम दुआ को इमारत के मालिक का पिता बताया जा रहा है। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इलाके में मचा रहा हड़कंप
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। राहत कार्य में स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन का सहयोग किया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेर लिया गया ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए।देर रात तक मलबा हटाने का काम जारी रहा। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता था कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति फंसा न रह गया हो। अधिकारियों के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग पूरा कर लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर मलबा हटाने का काम जारी रखा गया।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह इमारत हाल ही में बनाई गई थी और हादसे के समय उसमें कुछ निर्माण संबंधी काम चल रहे थे। ऐसे में अचानक पूरी इमारत का गिर जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भवन का निर्माण तय मानकों के अनुसार हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इमारत का नक्शा विधिवत मंजूर था या नहीं और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता कैसी थी। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही, नियमों की अनदेखी या घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के हर पहलू की गहराई से जांच की जाएगी। निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच होगी और यह भी देखा जाएगा कि संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि नई बनी इमारत आखिर अचानक कैसे गिर गई। अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की जांच पर टिकी है, जिससे हादसे की असली वजह सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।










