झारखंड,अंग भारत| झारखंड के दुमका-भागलपुर स्टेट हाईवे पर गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। हादसा रामगढ़ थाना क्षेत्र के सहेजना गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक के पीछे जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह टूट गई और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
एक की मौके पर मौत, दूसरा अस्पताल पहुंचने से पहले हार गया जिंदगी की जंग
हादसे में करेली मोड़ के रहने वाले 25 वर्षीय करण कुमार मांझी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सरंगपानी गांव के 25 वर्षीय अजय कुमार लायक गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल भेजा, लेकिन दुमका के फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया।एक साथ दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया।
खाना बना रहे थे ट्रक चालक और खलासी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात करीब 10:45 बजे ट्रक सड़क किनारे खड़ा था। ट्रक चालक और खलासी उसके पास खाना बनाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान नोनीहाट की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे ट्रक के पीछे जा टकराई।हादसा इतना भयानक था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक दूर जाकर सड़क पर गिर पड़े।
गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों का गुस्सा इतना था कि उन्होंने दुमका-भागलपुर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से भी रोक दिया।उनकी मांग थी कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। जाम की वजह से हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी रमेश भगत ने बताया कि घायल को तुरंत अस्पताल भेजा गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हादसा आखिर किन वजहों से हुआ। ट्रक चालक से भी पूछताछ की जाएगी और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
ग्रामीण बोले- सड़क किनारे खड़े ट्रक बन रहे मौत की वजह
गांव वालों का कहना है कि सहेजना के पास रात के समय अक्सर बड़े ट्रक सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। लोगों का आरोप है कि इस बारे में कई बार प्रशासन को जानकारी दी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और हाईवे पर बेहतर लाइट की व्यवस्था की जाए, ताकि आगे इस तरह के हादसे दोबारा न हों।










