नई दिल्ली,अंग भारत| कारगिल विजय दिवस के मौके पर देशभर में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की कड़ी में मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल से ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल तक जाएगी। इस अभियान में 28 राइडर्स हिस्सा ले रहे हैं, जो अगले 13 दिनों में करीब 1,900 किलोमीटर का सफर तय करते हुए 26 जुलाई को कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचेंगे।इस यात्रा का उद्देश्य कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि देना और देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है। यात्रा का संदेश “वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट” रखा गया है।
वीर सैनिकों के साहस को किया नमन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध के सभी वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारतीय जवानों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जिस बहादुरी, धैर्य और अनुशासन का परिचय दिया, वह पूरी दुनिया के लिए मिसाल है।उन्होंने कहा कि कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर, जहां तापमान माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई पर सांस लेना भी आसान नहीं होता, वहां भी भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस दिखाया। जवानों ने दुश्मन के कब्जे वाली हर चोटी और बंकर को वापस लेकर तिरंगे की शान कायम रखी।
कारगिल के वीरों को किया याद
रक्षा मंत्री ने कारगिल युद्ध के कई वीर योद्धाओं का भी स्मरण किया। उन्होंने परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) संजय कुमार (सेवानिवृत्त) सहित सभी वीर सैनिकों के योगदान को याद किया।उन्होंने कहा कि इन सैनिकों की बहादुरी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। देश के युवा उनके साहस और बलिदान से सीख लेकर राष्ट्र सेवा के लिए आगे बढ़ेंगे।
रास्ते में कई युद्ध स्मारकों पर देंगे श्रद्धांजलि
13 दिन की इस यात्रा के दौरान राइडर्स कई अहम सैन्य स्मारकों पर भी जाएंगे। इनमें चंडीमंदिर वॉर मेमोरियल, रेजांगला वॉर मेमोरियल और लेह वॉर मेमोरियल शामिल हैं। हर स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।इसके अलावा यात्रा के दौरान वीर नारियों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्रियजनों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
नेशनल वॉर मेमोरियल की मिट्टी भी ले जा रहे राइडर्स
इस यात्रा की एक खास बात यह भी है कि राइडर्स अपने साथ नेशनल वॉर मेमोरियल की पवित्र मिट्टी से भरा एक कलश लेकर जा रहे हैं। 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर यह मिट्टी कारगिल वॉर मेमोरियल में अर्पित की जाएगी।रक्षा मंत्री ने कहा कि जब दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल की मिट्टी कारगिल की धरती से मिलेगी, तो यह देश के शहीदों के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता का मजबूत प्रतीक बनेगी।
युवाओं में देशभक्ति का संदेश देने की पहल
राजनाथ सिंह ने कहा कि शौर्य विजय यात्रा सिर्फ एक बाइक अभियान नहीं, बल्कि देश के वीर जवानों के बलिदान को याद करने और नई पीढ़ी तक उनकी गाथा पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े लोग इस यात्रा में शामिल हैं, लेकिन सभी के हाथ में एक तिरंगा और दिल में देश के लिए समान सम्मान है। यही भारत की असली ताकत और पहचान है।कार्यक्रम में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि यह यात्रा युवाओं में देशभक्ति की भावना को और मजबूत करेगी तथा उन्हें यह संदेश देगी







