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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भागलपुर दौरे की सभी तैयारियां पूरी, काशील गांव में लोगों से करेंगे सीधा संवाद

भागलपुर के काशील गांव में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन के लिए सजे जर्मन हैंगर पंडाल और सुरक्षा तैयारियों की ग्राउंड रिपोर्ट

भागलपुर,अंग भारत| बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का 15 जुलाई को भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड अंतर्गत काशील गांव का बहुप्रतीक्षित दौरा होने जा रहा है, जिसके लिए प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस हाई-प्रोफाइल दौरे का मुख्य उद्देश्य सीधे जनता से जुड़कर उनकी बुनियादी समस्याओं का जमीनी स्तर पर समाधान करना है। प्रशासन ने न केवल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, बल्कि मौसम को देखते हुए काशील गांव में एक विशाल वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर पंडाल भी तैयार किया है ताकि बारिश के बीच भी ‘जनसंवाद’ कार्यक्रम निर्बाध रूप से चल सके। स्थानीय ग्रामीण इस दौरे को क्षेत्र के सड़क, सिंचाई और स्वास्थ्य ढांचे की तस्वीर बदलने वाले बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं।

दौरे की मुख्य वजह

सरकार सीधे आम लोगों के दरवाजे तक पहुंचना चाहती है। सम्राट चौधरी के इस दौरे को केवल एक औपचारिक प्रशासनिक दौरा मानना भूल होगी। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह सीधे तौर पर ग्रामीण इलाकों की नब्ज टटोलने की कोशिश है। गोराडीह प्रखंड का यह पूरा इलाका कृषि प्रधान है, लेकिन यहां बाढ़, जलजमाव और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं हर साल किसानों की कमर तोड़ देती हैं। उपमुख्यमंत्री खुद लोगों के बीच बैठकर उनकी फरियाद सुनेंगे। इससे न केवल सरकारी योजनाओं का जमीनी फीडबैक मिलेगा, बल्कि मौके पर ही कई फाइलों का निपटारा होने की उम्मीद है।

काशील गांव का चयन

काशील गांव को इस बड़े कार्यक्रम के लिए चुनना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। यह गांव गोराडीह प्रखंड के बिल्कुल केंद्र में स्थित है और इसके आसपास दर्जनों छोटे-बड़े टोले बसे हैं। यहां से पूरे गोराडीह और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को एक साथ जोड़ा जा सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस बेहद पिछड़े इलाके में लंबे समय से किसी बड़े राजनेता का सीधा जनसंवाद कार्यक्रम नहीं हुआ था। यही कारण है कि लोगों की उम्मीदें आसमान छू रही हैं।

जर्मन हैंगर की खासियत

जुलाई का महीना है, यानी मानसून की तेज बारिश का खतरा हर वक्त बना रहता है। ऐसे में सामान्य टेंट या शामियाने पानी और हवा के झोंके नहीं झेल पाते। प्रशासन ने इस समस्या का तोड़ निकालते हुए काशील गांव के मैदान में एक विशाल जर्मन हैंगर पंडाल खड़ा किया है। यह खास पंडाल पूरी तरह से वाटर-प्रूफ और फायर-प्रूफ होता है। तेज आंधी-तूफान में भी इसके ढहने का खतरा न के बराबर रहता है। इसके भीतर हजारों लोगों के बैठने की आरामदायक व्यवस्था की गई है, ताकि भारी बारिश होने पर भी कार्यक्रम में कोई खलल न पड़े।

सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा

डिप्टी सीएम की सुरक्षा को लेकर भागलपुर पुलिस ने अभेद्य किला तैयार किया है। कार्यक्रम स्थल के आसपास तीन स्तरों पर सुरक्षा घेरा रहेगा। पहले घेरे में स्थानीय पुलिस बल और विशेष कमांडो तैनात रहेंगे, जो सीधे मंच और वीआईपी मूवमेंट पर नजर रखेंगे। दूसरे घेरे में सादे लिबास में खुफिया विभाग के अधिकारी भीड़ में मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत भांपा जा सके। तीसरे घेरे में यातायात व्यवस्था और बाहरी रास्तों की नाकेबंदी शामिल है। प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल के पास ही एक अस्थाई कंट्रोल रूम भी चालू कर दिया है।

पार्किंग और रूट प्लान

भीषण जाम से बचने के लिए प्रशासन ने इस बार नया ट्रैफिक रूट चार्ट जारी किया है। वीआईपी वाहनों, सरकारी गाड़ियों और आम जनता के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग जोन बनाए गए हैं। मुख्य सड़क से काशील गांव की ओर आने वाले भारी वाहनों का रूट डाइवर्ट कर दिया गया है। कार्यक्रम के दिन केवल पास धारक गाड़ियों को ही मुख्य परिसर तक जाने की इजाजत होगी। इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कार्यक्रम स्थल के पास दो एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम मुस्तैद रहेगी।

जनता की मुख्य मांगें

काशील और गोराडीह के लोग इस मौके को खाली हाथ नहीं जाने देना चाहते। ग्रामीणों ने अपनी मांगों का एक मांग पत्र तैयार कर लिया है, जिसे वे सीधे उपमुख्यमंत्री को सौंपेंगे।

  • सड़क संपर्क का विस्तार: मुख्य जिला मार्ग से काशील और आसपास के गांवों को जोड़ने वाली जर्जर सड़कों का तुरंत जीर्णोद्धार किया जाए।
  • स्वास्थ्य उपकेंद्र की बहाली: गोराडीह में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी और जीवन रक्षक दवाओं की चौबीस घंटे उपलब्धता सुनिश्चित हो।
  • सिंचाई के लिए बिजली: किसानों को खेती के लिए अलग से कृषि फीडर से निर्बाध बिजली आपूर्ति मिले और नए नलकूप लगाए जाएं।
  • उच्च शिक्षा की सुविधा: स्थानीय स्तर पर छात्राओं के लिए एक डिग्री कॉलेज की स्थापना की जाए ताकि उन्हें दूर शहर न जाना पड़े।

प्रशासनिक मुस्तैदी

भागलपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लगातार खुद काशील गांव का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। कमिश्नर स्तर के अधिकारी भी फाइलों और जमीनी हकीकत का पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। बिजली विभाग के कर्मचारी जर्जर तारों और पोल को दुरुस्त करने में जुटे हैं, तो वहीं पीएचईडी विभाग पीने के साफ पानी के टैंकरों की व्यवस्था कर रहा है। कुल मिलाकर कहें तो पूरा सरकारी अमला इस समय काशील गांव को चमकाने में लगा है ताकि यह दौरा हर लिहाज से सफल साबित हो सके।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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