काठमांडू,अंग भारत। नेपाल में मानसून की सक्रियता बढ़ने से पहाड़ी और तराई के इलाकों में भारी तबाही की आशंका बढ़ गई है। नेपाल जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार कोशी, बागमती, गण्डकी, लुम्बिनी और कर्णाली प्रदेश के पहाड़ी हिस्सों में आज मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम पूर्वानुमान महाशाखा ने साफ किया है कि मानसूनी ट्रफ इस समय पश्चिमी नेपाल में अपने सामान्य स्थान पर है, जबकि पूर्वी नेपाल में यह औसत स्थिति से थोड़ा उत्तर की तरफ खिसक चुका है। इस बदलाव की वजह से देश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं और कई जिलों में लगातार पानी बरस रहा है। पहाड़ी ढलानों पर रहने वाले लोगों को तुरंत सतर्क होने की जरूरत है क्योंकि मिट्टी धंसने और नदियों के उफान पर आने का सीधा खतरा मंडरा रहा है।
कहाँ होगी सबसे भारी बारिश?
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट बताती है कि सुदूरपश्चिम प्रदेश के तराई वाले इलाकों में अभी धूप-छांव का खेल चल रहा है, लेकिन देश के बाकी हिस्सों में आसमान पूरी तरह बादलों की गिरफ्त में है। कोशी, बागमती, गण्डकी, लुम्बिनी और कर्णाली के कई हिस्सों में सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, बादलों का घेरा और गहरा होगा। तराई के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक मध्यम से तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। सबसे ज्यादा चिंता पहाड़ी जिलों को लेकर है, जहाँ अचानक तेज बारिश जमीन को कमजोर कर देती है और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ जाता है।
पहाड़ों में बर्फबारी का अलर्ट
नेपाल के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में मौसम और भी सख्त रुख अख्तियार करने वाला है। कोशी, बागमती और गण्डकी प्रदेश के हिमालयी क्षेत्रों में मध्यम दर्जे की बारिश के साथ-साथ बर्फबारी (हिमपात) होने की आशंका है। इसके अलावा लुम्बिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम के बर्फीले इलाकों में भी मौसम तेजी से बिगड़ेगा। रात के समय भी इस स्थिति में कोई राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। ठंडी हवाओं और भारी हिमपात के कारण ऊंचाई वाले रास्तों पर फिसलन बढ़ सकती है, जिससे वहां फंसे लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
| प्रदेश का नाम | संभावित मौसम स्थिति | जोखिम का स्तर |
|---|---|---|
| कोशी और बागमती | भारी से अत्यधिक भारी बारिश और हिमपात | अति संवेदनशील |
| गण्डकी और लुम्बिनी | पहाड़ी इलाकों में भारी वर्षा, भूस्खलन | उच्च सतर्कता |
| कर्णाली और सुदूरपश्चिम | मध्यम बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी | मध्यम से गंभीर |
| मधेश प्रदेश (तराई) | तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा | सामान्य सतर्कता |
बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
जब पहाड़ों में लगातार पानी बरसता है, तो ढलानों की मिट्टी ढीली हो जाती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), भूस्खलन और मलबे का तेज बहाव देखने को मिल सकता है। नदियों के किनारे बसे गांवों में पानी घुसने की आशंका है। पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आसपास की मिट्टी का कटाव तेज हो गया है। जंगलों के रास्ते बहने वाला पानी अपने साथ भारी मात्रा में कीचड़ और पत्थर लेकर नीचे आ रहा है, जो नीचे बसे घरों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
यातायात और खेती पर असर
इस खराब मौसम का सीधा असर आम लोगों के कामकाज पर पड़ना तय है। पहाड़ी रास्तों पर मलबा गिरने से सड़क यातायात बाधित होने लगा है। कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) के कारण हवाई उड़ानों पर भी ब्रेक लग सकता है। इसके अलावा, पर्यटन और पर्वतारोहण के लिए निकले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है। खेती-किसानी के लिहाज से भी यह समय संवेदनशील है। खेतों में पानी जमा होने से खड़ी फसलों को नुकसान पहुँच सकता है। अस्पतालों और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
सुरक्षित रहने के लिए क्या करें?
मौसम विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
- नदी, नालों और प्राकृतिक जलधाराओं के पास जाने से पूरी तरह बचें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम पूर्वानुमान महाशाखा द्वारा जारी किए जाने वाले बुलेटिन को लगातार सुनते रहें।
- अगर आप पहाड़ी ढलान या कमजोर जमीन के पास रहते हैं, तो भारी बारिश शुरू होते ही किसी पक्के और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
- यात्रा पर निकलने से पहले सड़कों की स्थिति की जानकारी जरूर लें, ताकि बीच रास्ते में फंसने से बचा जा सके।
- अपने पास जरूरी दवाइयां, टॉर्च और खाने-पीने का सूखा सामान तैयार रखें।







