तेहरान/इस्लामाबाद,अंग भारत। ईरान ने अपने विदेश मंत्री अब्बास अराघची की पाकिस्तान यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस दौरान अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की कोई योजना नहीं है। ईरानी नेतृत्व ने दो टूक कहा है कि यह दौरा केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर केंद्रित है।
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पाकिस्तान पहुंचे अराघची, द्विपक्षीय वार्ता पर फोकस
विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान के साथ संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करना बताया गया है। ईरान ने साफ किया है कि इस दौरे को अमेरिका से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
ईरान ने खारिज की अमेरिका से बातचीत की अटकलें
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने स्पष्ट किया है कि यह यात्रा परमाणु वार्ता से पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री को अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।
सोशल मीडिया पर भी दिया गया स्पष्ट संदेश
अज़ीज़ी ने अपने बयान में कहा कि तेहरान में विदेशी पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह साफ कर दिया कि पाकिस्तान यात्रा का उद्देश्य केवल द्विपक्षीय संबंध हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि परमाणु वार्ता ईरान के लिए एक अलग और संवेदनशील मुद्दा है।
अमेरिका का दावा, बातचीत के लिए तैयार प्रतिनिधि
दूसरी ओर अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान ने बातचीत के संकेत दिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के अनुसार, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर इस्लामाबाद पहुंचकर ईरान से बातचीत कर सकते हैं।
पाकिस्तानी नेतृत्व ने किया स्वागत
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अराघची के इस्लामाबाद पहुंचने की पुष्टि की। उनके साथ ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई भी मौजूद हैं, जो वार्ता में हिस्सा ले रहे हैं।गौरतलब है कि इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित संवाद को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। जहां अमेरिका बातचीत की बात कर रहा है, वहीं ईरान फिलहाल इस तरह की किसी भी संभावना से इनकार करता नजर आ रहा है। ऐसे में यह दौरा क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।









