बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका का सफर किया खत्म
सिएटल,अंग भारत| फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में बेल्जियम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान अमेरिका को 4-1 से हरा दिया। सिएटल के ल्यूमेन फील्ड में खेले गए इस मुकाबले में बेल्जियम ने शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए रखी। टीम के लिए चार्ल्स डी केटेलेयर सबसे बड़े हीरो साबित हुए। उन्होंने दो गोल किए और एक गोल कराने में भी अहम भूमिका निभाई। इस जीत के साथ बेल्जियम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, जबकि अमेरिका का विश्व कप अभियान यहीं समाप्त हो गया।
आठवें मिनट में मिला पहला गोल
बेल्जियम ने मैच की शुरुआत बेहद तेज की। आठवें मिनट में चार्ल्स डी केटेलेयर ने शानदार गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती झटके के बाद अमेरिका ने खुद को संभाला और बराबरी के लिए लगातार कोशिश करता रहा।31वें मिनट में मलिक टिलमैन ने बेहतरीन फ्री-किक पर गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। स्टेडियम में मौजूद अमेरिकी समर्थकों को लगा कि उनकी टीम अब मुकाबले में वापसी कर सकती है।
61 सेकंड में फिर बदल गया मैच
अमेरिका की खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। बराबरी के महज 61 सेकंड बाद ही डी केटेलेयर ने अपना दूसरा गोल कर बेल्जियम को फिर बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। पहले हाफ की समाप्ति तक बेल्जियम 2-1 से आगे था।
गोलकीपर की गलती अमेरिका को पड़ी भारी
दूसरे हाफ में अमेरिका ने वापसी की कोशिश की, लेकिन 57वें मिनट में गोलकीपर मैट फ्रीस से हुई एक बड़ी गलती टीम पर भारी पड़ गई। डी केटेलेयर के दबाव में फ्रीस गेंद पर नियंत्रण नहीं रख सके और इसका फायदा उठाते हुए हैंस वानाकेन ने तीसरा गोल कर दिया। इसके बाद अमेरिका के लिए मुकाबले में लौटना बेहद मुश्किल हो गया।
लुकाकू ने चौथे गोल से जीत की मुहर लगाई
मैच के आखिरी मिनटों में अमेरिका ने कुछ हमले जरूर किए, लेकिन बेल्जियम की रक्षा पंक्ति ने कोई मौका नहीं दिया। इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी रोमेलु लुकाकू ने गोल कर स्कोर 4-1 कर दिया। इसके साथ ही बेल्जियम ने शानदार जीत दर्ज करते हुए क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
बालोगुन की वापसी भी नहीं बदल सकी नतीजा
अमेरिका के लिए मैच से पहले राहत की खबर यह थी कि स्टार स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का एक मैच का निलंबन हटा दिया गया था। उनकी वापसी से टीम को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह मैच में कोई बड़ा असर नहीं छोड़ सके।दूसरी ओर कप्तान क्रिश्चियन पुलिसिक दूसरे हाफ में पैर में चोट लगने के कारण मैदान से बाहर चले गए। उनके बाहर जाने के बाद अमेरिका की मुश्किलें और बढ़ गईं।
अमेरिका का यादगार सफर यहीं थमा
भले ही अमेरिका क्वार्टर फाइनल में नहीं पहुंच सका, लेकिन इस बार का विश्व कप उसके लिए कई अच्छी यादें छोड़ गया। 48 टीमों वाले नए प्रारूप में अमेरिकी टीम ने पहली बार विश्व कप में तीन मुकाबले जीते। हालांकि 2002 के बाद पहली बार अंतिम आठ में पहुंचने का सपना पूरा नहीं हो सका।
अब स्पेन से होगा बेल्जियम का मुकाबला
इस जीत के साथ बेल्जियम का लगातार 18वां अंतरराष्ट्रीय मैच बिना हार के पूरा हुआ। टीम पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय में नजर आ रही है। अब क्वार्टर फाइनल में उसका सामना 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन से होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बड़े मैचों में गिना जा रहा है।
कॉनकाकाफ की सभी टीमें हुईं बाहर
अमेरिका की हार के साथ ही उत्तर और मध्य अमेरिकी फुटबॉल महासंघ (कॉनकाकाफ) की सभी छह टीमें विश्व कप से बाहर हो गई हैं। सह-मेजबान अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा तीनों ही राउंड ऑफ-16 से आगे नहीं बढ़ सके। अब क्वार्टर फाइनल में यूरोप, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका की टीमें ही बची हैं, जिससे आगे के मुकाबले और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।











