तेहरान,अंग भारत। ईरान में मंगलवार को उस समय हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए, जब देश के कई शहरों में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आईं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के जवाब में ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान अपना इराक दौरा बीच में छोड़कर तेहरान लौट आए।
नजफ में चल रही थीं अंतिम संस्कार की रस्में
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान इराक के पवित्र शहर नजफ में मौजूद थे, जहां ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम चल रहे थे। खामेनेई का पार्थिव शरीर मंगलवार को नजफ पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अंतिम यात्रा को कर्बला ले जाने की तैयारी की गई है, जबकि गुरुवार को ईरान के मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
हमले की खबर मिलते ही लौटे राष्ट्रपति
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी और सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अपना दौरा पूरा किया और तेहरान के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए राजधानी में शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और सैन्य नेतृत्व के साथ अहम बैठकें हो सकती हैं।
अमेरिका ने ईरान को दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सेंटकॉम ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताते हुए कहा कि ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में सुनाई दिए धमाके
हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के सिरिक, केशम और बंदर अब्बास के आसपास कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सिरिक बंदरगाह के पास कुछ प्रोजेक्टाइल व्यावसायिक और मछली पकड़ने वाले घाटों के करीब गिरे। हालांकि इन घटनाओं में कितना नुकसान हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
तेल निर्यात पर भी बढ़ा दबाव
अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान पर दबाव बढ़ाया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने जून में जारी वह अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिया है, जिसके तहत ईरान को सीमित अवधि तक कच्चे तेल और उससे जुड़े उत्पादों के उत्पादन, बिक्री और निर्यात की अनुमति दी गई थी। इस फैसले को ईरान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
ईरान ने अमेरिका पर समझौता तोड़ने का लगाया आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने लाइसेंस रद्द कर दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन किया है। तेहरान ने साफ किया है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
इराक का जताया आभार
इस बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए इराक की सरकार और वहां की जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दोनों देशों के बीच गहरे धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों की मिसाल है। उन्होंने भविष्य में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने की बात कही।
पूरी दुनिया की नजर पश्चिम एशिया पर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है और यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और हालात किस दिशा में बढ़ते हैं।










