वाशिंगटन/तेहरान,अंग भारत। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार है।
80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर की गई कार्रवाई
सेंटकॉम के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने सटीक हथियारों की मदद से ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तटीय रडार स्टेशन, जहाज रोधी मिसाइल ठिकाने और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की 60 से ज्यादा छोटी नौकाओं को भी निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते पर जहाजों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था।
तेल बिक्री की छूट भी खत्म
सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ा दिया है। अमेरिकी प्रशासन ने 17 जून को दिए गए उस अस्थायी लाइसेंस को रद्द कर दिया है, जिसके तहत ईरान को सीमित मात्रा में तेल बेचने की छूट मिली थी। इसके साथ ही ईरानी तेल निर्यात पर फिर से प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरिम समझौते का उल्लंघन बताया है। तेहरान का कहना है कि वह इस कार्रवाई का जवाब देगा। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि अमेरिका ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया और तनाव बढ़ाने का काम किया है।
खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच हुए हमले
यह हमले ऐसे समय हुए हैं, जब ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में चल रही हैं। ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका था कि शोक के दौरान किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान इराक के नजफ से अपना दौरा बीच में छोड़कर तेहरान लौट गए।
दक्षिणी ईरान में कई जगह धमाकों की खबर
अमेरिकी हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के सिरिक, केशम और बंदर अब्बास के आसपास कई धमाकों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कुछ प्रोजेक्टाइल सिरिक बंदरगाह के व्यावसायिक और मछली पकड़ने वाले घाटों के पास भी गिरे। हालांकि, इन घटनाओं में हुए नुकसान का पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।
बातचीत पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा सैन्य कार्रवाई से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता पर असर पड़ सकता है। दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम को लेकर पहले ही कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। अब नए हमलों के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।
दुनिया की नजर अब अगले कदम पर
अमेरिका की इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद पूरी दुनिया की नजर अब ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक है और यहां बढ़ता तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर डाल सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन पश्चिम एशिया ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।










