नई दिल्ली,अंग भारत। देश की प्रमुख बजट एयरलाइन इंडिगो और बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआईएएल) ने इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय संपर्क रहित यात्रा परियोजना का सफल तकनीकी परीक्षण पूरा कर लिया है। यह ट्रायल बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किया गया, जिसमें यात्रियों के पूरे ट्रैवल अनुभव को बिना संपर्क के पूरा करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
Read more……….असम चुनाव में सीएम सरमा ने परिवार संग किया मतदान
टिकट से बोर्डिंग तक पूरा डिजिटल ट्रैवल अनुभव
इस तकनीकी परीक्षण में टिकट बुकिंग, चेक-इन, बोर्डिंग पास मैनेजमेंट और एयरपोर्ट पर प्रवेश से लेकर बोर्डिंग तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और बायोमेट्रिक तकनीक के माध्यम से जोड़ा गया। इसका उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी फिजिकल संपर्क के सहज और तेज यात्रा अनुभव प्रदान करना है। इस पहल के तहत यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबी कतारों और कागजी प्रक्रिया से राहत मिलने की संभावना है।
आईएटीए के ग्लोबल कैंपेन का हिस्सा
इंडिगो के अनुसार, यह पहल आईएटीए के वैश्विक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत दुनिया के प्रमुख बाजारों में कॉन्टैक्टलेस इंटरनेशनल यात्रा के लिए अवधारणा के प्रमाण (PoC) तैयार किए जा रहे हैं। इससे पहले भी इंडिगो और डिजी यात्रा फाउंडेशन ने भारत में बायोमेट्रिक आधारित कॉन्टैक्टलेस प्रोसेसिंग सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया था।
बायोमेट्रिक और डिजिटल पहचान का इस्तेमाल
इस प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक स्व-संप्रभु पहचान (SSI) आधारित सिस्टम का उपयोग किया गया, जिसमें यात्रियों की पहचान बायोमेट्रिक तकनीक के जरिए की जाती है। साथ ही ऐप-टू-ऐप इंटीग्रेशन के माध्यम से मोबाइल ऐप्स के बीच बोर्डिंग पास साझा करने की सुविधा भी शामिल की गई। इस तकनीक के जरिए यात्रियों को बार-बार दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और तेज हो जाएगी।
भविष्य की हवाई यात्रा की दिशा तय करेगा प्रयोग
इंडिगो के चीफ डिजिटल और इंफॉर्मेशन ऑफिसर नीतन चोपड़ा ने कहा कि कंपनी इनोवेशन और ग्राहक-केंद्रित समाधानों के जरिए हवाई यात्रा के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह सफल ट्रायल दिखाता है कि डिजिटल पहचान और बायोमेट्रिक तकनीक के जरिए एयरपोर्ट पर बिना रुकावट यात्रा संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि आईएटीए, डिजी यात्रा और बीआईएएल के साथ मिलकर इस तकनीक को वास्तविक रूप में लागू करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को और अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज बना सकती है।
यह पहल न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एयर ट्रैवल के अनुभव को बदलने की क्षमता रखती है।









