अररिया, अंग भारत। फारबिसगंज थाना क्षेत्र के कृषि उत्पादन बाजार समिति के पास बुधवार को एक मामूली सी बात पर हुए विवाद ने दो जिंदगियों को खत्म कर दिया और पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। ठेला लगाने की जगह को लेकर शुरू हुई बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि पहले एक पिकअप ड्राइवर की निर्मम हत्या हुई और उसके कुछ ही देर बाद भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेकर आरोपी ठेला दुकानदार की पीट-पीटकर जान ले ली। इस दोहरी हत्या ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवाद की असली वजह
घटना की शुरुआत वार्ड नंबर 21 के निवासी नबी हुसैन (पिकअप ड्राइवर) और चौहान टोला के राहुल चौहान (ठेला दुकानदार) के बीच हुई बहस से हुई। कृषि उत्पादन बाजार समिति के पास ठेला कहां खड़ा किया जाए, इसे लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। यह कोई बड़ी बात नहीं थी, लेकिन उस वक्त दोनों में से किसी ने भी अपना आपा खोने से परहेज नहीं किया। देखते ही देखते बात गाली-गलौज और फिर हाथापाई तक पहुंच गई, जो बाद में एक वीभत्स हत्याकांड में तब्दील हो गई।
ड्राइवर की बर्बर हत्या
बहस के दौरान ठेला दुकानदार राहुल चौहान ने अचानक एक तेज धारदार चाकू निकाल लिया और नबी हुसैन पर जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना घातक और क्रूर था कि मौके पर ही ड्राइवर की जान चली गई। इस घटना ने बाजार में मौजूद लोगों को सन्न कर दिया। भीड़ ने देखा कि कैसे मामूली विवाद एक व्यक्ति की जान ले चुका है, जिससे वहां हड़कंप मच गया और लोग आक्रोशित हो उठे।
भीड़ का हिंसक रुख
वारदात को अंजाम देने के बाद राहुल चौहान झाड़ियों में छिप गया, ताकि वह अपनी जान बचा सके। लेकिन जब पुलिस उसे ढूंढकर बाहर लाई और सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की, तभी मामला पूरी तरह बिगड़ गया। पुलिस की मौजूदगी में ही भीड़ ने उसे हिरासत से खींच लिया। गुस्सा इस कदर था कि लोगों ने पुलिस के सामने ही आरोपी को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कानून को हाथ में लेने का यह तरीका भीड़ के अनियंत्रित गुस्से को दर्शाता है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच
सूचना मिलते ही फारबिसगंज के एसडीएम अभय कुमार तिवारी, एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा और थाना अध्यक्ष मनोज कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
- कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने एफएसएल (FSL) की टीम को घटनास्थल की बारीकी से जांच करने के लिए बुलाया है ताकि सबूत जुटाए जा सकें।
- भीड़ पर नजर: कानून को हाथ में लेने वाले लोगों की पहचान करने के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- सुरक्षा का मुद्दा: बाजार समिति के पास अवैध स्टैंड और ठेले लगाने को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर रहा है।
आक्रोश और सड़क जाम
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। बाजार समिति के दरवाजे और सुभाष चौक सहित कई मुख्य रास्तों पर जाम लगा दिया गया और टायर जलाकर आगजनी की गई। प्रदर्शनकारी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे थे। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने बाजार में ठेला स्टैंड के विवाद को सुलझाया होता, तो शायद यह नौबत नहीं आती। एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने लोगों से धैर्य रखने और कानून का पालन करने की अपील की है।
बढ़ता हुआ तनाव
फिलहाल इलाके में सन्नाटा पसरा है, लेकिन यह डर का सन्नाटा है। बाजार की रोजमर्रा की गतिविधियों पर बुरा असर पड़ा है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और लोगों को शांति बनाए रखने के लिए कहा है। इस घटना से यह सबक मिलता है कि छोटी-छोटी बातों पर होने वाला विवाद कितनी जल्दी एक बड़े हादसे में बदल सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह हत्यारा हो या कानून तोड़ने वाली भीड़ का कोई सदस्य।








