अररिया,अंग भारत। फारबिसगंज थाना क्षेत्र के कृषि उत्पादन बाजार समिति के पास बुधवार को ठेला लगाने को लेकर हुए विवाद में दो लोगों की मौत हो गई। विवाद में पिकअप ड्राइवर और ठेला दुकानदार दोनों की हत्या ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया।
पिकअप ड्राइवर की निर्मम हत्या
घटना के अनुसार, वार्ड नंबर 21 के निवासी जोगबनी नगर परिषद के नबी हुसैन नामक पिकअप ड्राइवर और चौहान टोला वार्ड नंबर 4 के राहुल चौहान नामक ठेला दुकानदार के बीच ठेला लगाने के सवाल पर कहासुनी हुई। यह विवाद अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब ठेला दुकानदार ने तेज धारदार चाकू से पिकअप ड्राइवर पर हमला कर दिया। इसके परिणामस्वरूप पिकअप ड्राइवर का धड़ उसके सर से अलग हो गया और वह घटनास्थल पर ही मौत को प्राप्त हो गया।
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आक्रोशित भीड़ ने ठेला दुकानदार को मार डाला
घटना के तुरंत बाद आरोपी ठेला दुकानदार झाड़ियों में छिप गया। पुलिस और भीड़ के पहुंचने पर उसे बाहर निकाला गया। लेकिन जब पुलिस उसे सुरक्षित ठिकाने की ओर ले जा रही थी, तो आक्रोशित भीड़ ने उसे पुलिस कस्टडी से छीन लिया। भीड़ ने आरोपी को पीट-पीटकर मार डाला।
फारबिसगंज एसडीएम अभय कुमार तिवारी, एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा और थाना अध्यक्ष मनोज कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और प्रदर्शन
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। वे पुलिस प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कृषि उत्पादन बाजार समिति के दरवाजे और सुभाष चौक सहित अन्य स्थानों पर सड़क जाम किया और आगजनी की।एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि विवाद ठेला लगाने के सवाल पर हुआ। पहले पिकअप ड्राइवर की हत्या हुई और बाद में आरोपी ठेला दुकानदार को भीड़ ने मार डाला। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। साथ ही, आरोपी पर हमला करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय प्रशासन ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया और कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, इस हिंसक घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल पैदा कर दिया है।घटना से यह स्पष्ट होता है कि बाजार में ठेला स्टॉल और अवैध ऑटो स्टैंड को लेकर लगातार तनाव और विवाद होते रहे हैं। प्रशासन ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी।इस हिंसक घटना ने अररिया जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की हिंसा में शामिल न हों और जांच में सहयोग करें।








